पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन; लातूर में ली अंतिम सांस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को सुबह लातूर स्थित उनके आवास ‘देवघर’ में निधन हो गया।वे 90 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने सुबह लगभग 6:30 बजे अंतिम सांस ली।

परिवार के सूत्रों के अनुसार, उनका इलाज घर पर ही चल रहा था। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस पार्टी सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।

अंतिम संस्कार कल:

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवराज पाटिल का अंतिम संस्कार शनिवार को लातूर में किया जाएगा। उनके परिवार में उनके बेटे शैलेश पाटिल, बहू अर्चना पाटिल (जो एक भाजपा नेता हैं) और दो पोतियां हैं।

एक नज़र में शिवराज पाटिल का शानदार राजनीतिक करियर

शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में से थे जिन्होंने देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक और कार्यकारी पदों पर कार्य किया: केंद्रीय मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और राज्यपाल।

पदकार्यकालमुख्य जिम्मेदारी/घटना
लोकसभा सांसद7 बार (1980 से 1999 तक लातूर से)लगातार सात बार लातूर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया।
केंद्रीय मंत्री1980 का दशकइंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में रक्षा मंत्री सहित विभिन्न मंत्रालयों में कार्य किया। उन्हें दोनों प्रधानमंत्रियों का विश्वासपात्र माना जाता था।
लोकसभा अध्यक्ष1991 – 199610वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में संसदीय समितियों को मजबूत करने और प्रक्रियाओं में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
केंद्रीय गृह मंत्री2004 – 2008यूपीए सरकार में महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का नेतृत्व किया।
राज्यपाल2010 – 2015पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में कार्य किया।

 26/11 मुंबई हमले के बाद इस्तीफा

पाटिल के कार्यकाल का सबसे विवादास्पद दौर तब आया जब वह यूपीए सरकार में गृह मंत्री थे।26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान सुरक्षा में हुई भारी चूक के कारण उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। इस दौरान संकट के बीच सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके बार-बार कपड़े बदलने को लेकर भी उनकी कड़ी निंदा हुई थी।

आलोचना के बाद, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 30 नवंबर 2008 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राजनीतिक मर्यादा का एक उदाहरण माना जाता है।

कांग्रेस ने जताया शोक:

कांग्रेस पार्टी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एक अनुभवी और सम्मानित नेता को खोना पार्टी और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

शिवराज पाटिल को उनके शांत स्वभाव, संवैधानिक मामलों की गहरी समझ और सार्वजनिक जीवन में लंबे योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।