भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ के खिलाफ पाकिस्तान में कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के एक कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर ने शुक्रवार को कराची की डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट (साउथ) में एक याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों, PPP के झंडे और पार्टी रैलियों के फुटेज का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है।
PPP को आतंकवाद समर्थक दिखाने का आरोप
याचिका में ‘धुरंधर’ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि यह फिल्म पीपीपी को आतंकवाद का समर्थन करने वाली पार्टी के रूप में चित्रित करती है। इसके अलावा, फिल्म में कराची के लियारी इलाके को ‘आतंकियों का युद्ध क्षेत्र’ बताया गया है, जिसे याचिकाकर्ता ने मानहानिकारक, भ्रामक और पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
याचिकाकर्ता मोहम्मद आमिर ने मांग की है कि फिल्म के निर्देशक, निर्माता, कलाकार और प्रचार व निर्माण से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। याचिका में मुख्य अभिनेता रणवीर सिंह के साथ-साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेनी समेत निर्देशक आदित्य धर और निर्माता लोकेश धर तथा ज्योति किशोर देशपांडे को नामजद किया गया है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि फिल्म पीपीपी, उसके नेताओं और समर्थकों के खिलाफ नफरत फैलाने, अपमान करने और उकसाने का काम करती है। उन्होंने पाकिस्तान दंड संहिता की मानहानि, आपराधिक धमकी, दंगा भड़काने और दुश्मनी फैलाने से संबंधित विभिन्न धाराओं (499, 500, 502, 504, 505, 153-ए और 109) का हवाला दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद ही उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा।
खाड़ी देशों में फिल्म पर प्रतिबंध
फिल्म ‘धुरंधर’ को सिर्फ पाकिस्तान में कानूनी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि मिडिल ईस्ट के कई देशों में इस पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है। बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई सहित खाड़ी देशों में फिल्म को रिलीज की अनुमति नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों की सेंसर अथॉरिटीज ने फिल्म के कंटेंट को ‘पाकिस्तान विरोधी’ मानते हुए मंजूरी नहीं दी।
भारतीय फिल्मों के लिए पुरानी समस्या
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म को पाकिस्तान से जुड़ी थीम के कारण खाड़ी देशों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले, 2024 में ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘फाइटर’ को भी यूएई को छोड़कर बाकी खाड़ी देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस समय पुलवामा हमले को दिखाए जाने पर ‘पाकिस्तान विरोधी प्रचार’ का आरोप लगा था, जिसके बाद यूएई में भी फिल्म को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी साल अक्षय कुमार की ‘स्काई फोर्स’ और जॉन अब्राहम की ‘द डिप्लोमैट’ को भी पाकिस्तान से जुड़े कंटेंट के कारण कई मिडिल ईस्ट देशों में प्रतिबंध झेलना पड़ा था।