राहुल-सोनिया को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस  में राहत, ED की शिकायत खारिज

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पांच अन्य को मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर संज्ञान लेने से साफ इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया। 

 दिल्ली कोर्ट- ED की यह शिकायत विचार योग्य नहीं है

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED की यह शिकायत विचार योग्य नहीं है, क्योंकि यह मामला किसी पुलिस एफआईआर पर नहीं, बल्कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 200 के तहत एक व्यक्ति की निजी शिकायत पर आधारित है। कोर्ट ने यह भी तर्क दिया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर चुकी है, इसलिए ED की दलीलों पर इस स्तर पर फैसला सुनाना जल्दबाजी और अनुचित होगा। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चूंकि दिल्ली पुलिस की FIR दर्ज है और ED ने मामले में जांच जारी रखने की बात कही है, इसलिए निदेशालय चाहे तो आगे की दलीलें पेश कर सकता है।

क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

यह मामला मूल रूप से बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की 2012 की शिकायत से जुड़ा है। स्वामी ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं (जिनमें अब दिवंगत हो चुके मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के साथ सुमन दुबे और सैम पित्रोदा भी शामिल हैं) ने धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की ₹2,000 करोड़ की संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर लिया था। आरोप लगाया गया था कि कांग्रेसी नेताओं ने यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) नामक संस्था बनाई, जिसमें गांधी परिवार की बहुमत हिस्सेदारी है, और YIL के माध्यम से ₹2,000 करोड़ की कंपनी AJL का अवैध अधिग्रहण मात्र ₹50 लाख में कर लिया ताकि नई दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस जैसी संपत्तियों पर नियंत्रण किया जा सके। इस मामले में यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी भी आरोपी हैं।

इससे पहले ED ने अप्रैल में एक बयान में कहा था कि उसने PMLA के तहत ₹661 करोड़ की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया था, और नवंबर 2023 में अपराध से अर्जित कमाई को सुरक्षित करने के उद्देश्य से AJL के ₹90.2 करोड़ के शेयरों को भी कुर्क किया था। इसके अतिरिक्त, ED ने मुंबई के बांद्रा स्थित हेराल्ड हाउस की कुछ मंजिलों के किराए की राशि ED निदेशक के पक्ष में ट्रांसफर करने के लिए भी नोटिस दिया था।