गुरुवार देर रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर भयंकर हिंसा भड़क उठी। 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में हुई मौत की खबर फैलते ही शहर के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी की और दो प्रमुख अखबारों के कार्यालयों पर हमला कर दिया।
धानमंडी 32 में भड़की हिंसा
शेख मुजीबुर रहमान के पैतृक आवास के लिए प्रसिद्ध धानमंडी-32 इलाके में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। हालात तेजी से बिगड़ते गए और प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाते हुए आग लगाते दिख रहे हैं।
अखबारों पर हमला: पत्रकार फंसे
गुस्साई भीड़ ने सबसे पहले एक प्रमुख बंगाली दैनिक अखबार के कार्यालय पर हमला किया। इसके बाद शुक्रवार आधी रात के आसपास अंग्रेजी अखबार ‘द डेली स्टार’ के दफ्तर पर भीड़ ने धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने पहले तोड़फोड़ की और फिर इमारत में आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि दो मंजिलें पूरी तरह जल गईं।
अंदर फंसे करीब 25 पत्रकारों को लगभग चार घंटे तक इमारत के अंदर ही रहना पड़ा। कई पत्रकार छत पर शरण लेकर जान बचाने की कोशिश करते रहे। एक महिला पत्रकार ने मदद मांगते हुए लिखा, “मैं सांस नहीं ले पा रही, बहुत ज्यादा धुआं है। मुझे बचाइए।”पत्रकारों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लंबे समय तक मौके पर नहीं पहुंच पाईं, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक रखा था। आग पर काबू पाने के बाद भी भीड़ ने दोबारा इमारत में घुसपैठ कर ली, जिससे पत्रकारों को तुरंत बाहर निकालना मुश्किल हो गया।
सेना की तैनाती और रेस्क्यू
स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो जाने के बाद सेना को तैनात करना पड़ा। सुबह करीब 4 बजे सैनिकों की मौजूदगी में सभी पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान कुछ पत्रकारों पर भीड़ ने हमला भी किया।
अखबारों पर गुस्से का कारण
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये अखबार शेख हसीना के प्रति नरम रवैया अपनाते हैं और भारत-समर्थक हैं। शेख हसीना 2024 के छात्र आंदोलन के बाद भारत में शरण लिए हुए हैं। वहीं, शरीफ उस्मान हादी शेख हसीना और भारत के कट्टर आलोचक थे और आगामी चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उतरने की तैयारी कर रहे थे।
यूनुस की शांति की अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र व पेशेवर तरीके से काम करने दिया जाए।