पंजाब पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक (IG) अमर सिंह चहल ने पटियाला स्थित अपने आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने यह आत्मघाती कदम अपने ही सुरक्षाकर्मी की रिवॉल्वर का उपयोग कर उठाया। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में तुरंत पटियाला के पार्क अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों की टीम उनके उपचार में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और मामले की छानबीन शुरू की।
पुलिस को घटनास्थल से 12 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसे पूर्व आईजी ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के नाम लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपने साथ हुए 8.10 करोड़ रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड का दर्दनाक जिक्र किया है। प्राथमिक जांच में यह माना जा रहा है कि इतनी बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के कारण वह गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जिनके कारण वह इस ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए।
अमर सिंह चहल का विवादों से भी पुराना नाता रहा है। वह वर्ष 2015 के चर्चित बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले में प्रमुख आरोपियों में से एक रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने फरवरी 2023 में फरीदकोट अदालत में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उस चार्जशीट में चहल के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी जैसे कई बड़े नामों को भी शामिल किया गया था। सेवानिवृत्ति के बाद से ही वह पटियाला में रह रहे थे और इन कानूनी मामलों का सामना कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता की जांच कर रही है और उनके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।