अशोकनगर के ग्राम पिपनावदा से फौजूखेड़ी तक अधूरी पड़ी सड़क अब ग्रामीणों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही से त्रस्त ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव में ही मोर्चा खोल दिया और जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय भी शामिल हुए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।
विधायक की चेतावनी: ‘8 दिन में काम शुरू नहीं तो चक्काजाम’
ग्रामीणों के बीच पहुंचे विधायक हरिबाबू राय ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन कोई राजनीतिक स्टंट नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी सुविधाओं के लिए एक न्यायपूर्ण लड़ाई है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 8 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर सड़क का निर्माण कार्य दोबारा प्रारंभ नहीं हुआ, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा चक्काजाम आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, दिया लिखित आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अशोक कुमार गुप्ता और तहसीलदार शंभु सिंह मीना मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगामी 8 दिनों के भीतर सड़क निर्माण की तकनीकी बाधाओं को दूर कर काम शुरू करा दिया जाएगा।
ज्ञापन में सड़क के साथ शिक्षा और गौशाला का मुद्दा भी उठा
ग्रामीणों ने अधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें सड़क के अलावा क्षेत्र की अन्य ज्वलंत समस्याओं को भी शामिल किया गया:
- नकल पर रोक: कक्षा 1 से 8 तक की वार्षिक परीक्षाओं में हो रही नकल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और नकल माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
- गौशाला निर्माण: सिरसी, कबीरा, नारायणपुर, छपराई और खिरिया सहित लगभग 20 गांवों में आवारा पशुओं के आतंक से किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने इन क्षेत्रों में स्थाई गौशाला निर्माण की मांग उठाई है ताकि फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पिपनावदा से फौजूखेड़ी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। लोक निर्माण विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे बारिश और धूल के कारण आवागमन दूभर हो गया है।