असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि राज्य सरकार विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने के मात्र एक सप्ताह के अंदर उसे देश से बाहर भेज देगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 2000 से अधिक अवैध विदेशियों की पहचान की है और उन्हें वापस भेजा जा चुका है। सीएम सरमा ने कहा कि निर्वासन की प्रक्रिया को तेज किया गया है, और अब से न्यायाधिकरण के फैसले के तुरंत बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
असम में विदेशी न्यायाधिकरण अप्रवासियों तथा विदेशी नागरिकों से संबंधित मामलों की जांच करते हैं। इस नीति के तहत, 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई की जाएगी, तथा जिला अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर फौरन निष्कासन आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, सीएम सरमा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि अपराध के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है तथा दोषसिद्धि की दर में काफी सुधार हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में असम पूरे देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2021 में दर्ज मामलों की संख्या 1.33 लाख थी, जो 2025 में घटकर 43,748 रह गई है। वहीं, अदालतों में आरोपपत्र दाखिल करने की दर में 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दोषसिद्धि दर 2021 में मात्र 6 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 26.38 प्रतिशत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। पिछले पांच वर्षों में अवसंरचनात्मक क्षेत्र में व्यापक कार्य हुआ है। ब्रह्मपुत्र नदी पर चार नए पुलों का निर्माण चल रहा है। फरवरी में गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने वाले पुल का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में 6957 करोड़ रुपये की लागत वाले 32 किलोमीटर (कुल लगभग 34 किलोमीटर) लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे, तथा फरवरी में प्रस्तावित गेलेफू रेलवे लाइन परियोजना से जुड़े कार्यों की शुरुआत करेंगे।