ओडिशा के ढेंकानाल जिले में गोपालपुर गांव के निकट एक पत्थर खदान में शनिवार शाम को हुए शक्तिशाली विस्फोट के कारण चट्टानों का बड़ा हिस्सा ढह गया। इस हादसे में कई मजदूरों के मलबे में दबकर फंसने या मरने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन अभी तक हताहतों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है।
हादसे की जानकारी
यह दुर्घटना मोटांगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित खदान में हुई, जहां मजदूर पत्थर निकालने और ड्रिलिंग के काम में जुटे थे। विस्फोट इतना तेज था कि खदान का एक बड़ा भाग धंस गया और भारी चट्टानें गिर गईं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह खदान अवैध रूप से चल रही थी। जिला खनन विभाग ने सितंबर 2025 में ही ब्लास्टिंग की अनुमति न होने के कारण इसे बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद काम जारी था।
बचाव कार्य की स्थिति
बचाव दल में अग्निशमन विभाग की टीमें, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ), डॉग स्क्वाड और भारी मशीनें शामिल हैं। ढेंकानाल के कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल और पुलिस अधीक्षक अभिनव सोनकर खुद घटनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। एक अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शनिवार रात को ब्लास्टिंग के दौरान हुआ था। अभी तक कोई शव या घायल अस्पताल नहीं पहुंचे हैं, जिससे मलबे में फंसे मजदूरों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि ढेंकानाल की इस घटना से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना की परिस्थितियों तथा मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की। साथ ही, बचाव कार्य को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।