सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला: जी राम जी योजना पर भ्रम फैला रही विपक्षी पार्टी, किसानों को होंगे बड़े फायदे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत – जी राम जी योजना’ को लेकर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस योजना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गलत जानकारी फैला रही है, जबकि यह योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों के लिए बड़ा लाभ लेकर आई है।

सीएम यादव ने कहा कि पुरानी मनरेगा योजना की जगह लाई गई यह नई योजना ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी। इसमें रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है, जिससे मजदूरों को अधिक काम और आय का अवसर मिलेगा। साथ ही, योजना में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे और सही लाभार्थी तक फायदा पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने योजना के प्रमुख लाभ गिनाते हुए बताया कि अब ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन करेंगी, जिसमें कृषि अवसंरचना, जल संरक्षण, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों पर जोर होगा। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि किसानों को मजदूरों की उपलब्धता और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी फसल उत्पादन और आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए योजना का विरोध कर रही है। पुरानी व्यवस्था में फर्जी जॉब कार्ड और अनियमितताओं की शिकायतें आम थीं, लेकिन नई योजना में बायोमेट्रिक और जीपीएस जैसी तकनीकों से ऐसे मामलों पर रोक लगेगी। सीएम ने राज्य के मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और गांवों में जाकर लोगों को योजना की सच्चाई बताएं।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी योजना का समर्थन करते हुए कहा कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी और किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगी। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि यह पुरानी योजना का सिर्फ नाम बदलना है और इससे कोई नया फायदा नहीं होगा।

राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान वर्ष’ घोषित किया है, जिसमें कृषि क्षेत्र में नवाचार और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘जी राम जी योजना’ से मध्य प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य को ग्रामीण रोजगार और विकास में नई गति मिल सकती है।

यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।