मध्य प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से सर्दी का प्रकोप चरम पर है। राज्य के उत्तरी और मध्य भागों में रातें जमने लगी हैं, जबकि सुबह के समय घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। खजुराहो (छतरपुर) प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहां पिछले दो दिनों से न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। कई शहरों और जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है।
ठंड और कोहरे की मार सबसे ज्यादा इन इलाकों पर
- खजुराहो (छतरपुर): न्यूनतम तापमान 3.4°C – प्रदेश में सबसे सर्द जगह। यहां सीवियर कोल्ड डे की स्थिति भी रही।
- ग्वालियर: न्यूनतम 5°C के करीब, दिन का तापमान भी काफी गिरा। घना कोहरा और ठंडी हवाएं।
- दतिया, शिवपुरी, नौगांव: 4-5°C के बीच न्यूनतम तापमान, शीतलहर का प्रकोप।
- भोपाल: न्यूनतम 8°C, अधिकतम 22-23°C। सुबह-शाम ठंडक ज्यादा महसूस हो रही है।
- रीवा, टीकमगढ़, निवाड़ी: कई जगहों पर 6-7°C तक गिरावट।
- अन्य प्रभावित क्षेत्र: ग्वालियर-चंबल, सागर, विंध्य और बुंदेलखंड संभागों में ठंड और कोहरा सबसे तीव्र।
IMD के अनुसार, प्रदेश में घना से बहुत घना कोहरा कई जिलों (ग्वालियर, दतिया, छतरपुर, शिवपुरी आदि) में सुबह के समय छाया रह रहा है, जिससे दृश्यता 50-200 मीटर तक कम हो जाती है। इससे ट्रेनों और सड़क यातायात पर असर पड़ रहा है – दिल्ली-भोपाल-इंदौर रूट पर कई ट्रेनें घंटों लेट हो रही हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जनवरी को शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति कई जिलों में जारी रहने की चेतावनी दी है। पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कोल्ड वेव बनी रहेगी। अगले 24-48 घंटों में न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि कुछ जगहों पर 1-2 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी संभव है। मौसम शुष्क रहेगा, बारिश की कोई संभावना नहीं। कोहरे का असर 11 जनवरी तक जारी रह सकता है।
ठंड का मुख्य कारण उत्तर से आने वाली तेज ठंडी हवाएं हैं, जो राज्य को पूरी तरह अपनी चपेट में ले रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के मध्य तक यह प्रकोप जारी रह सकता है।
सावधानियां और सलाह
- सुबह-रात गर्म कपड़े, अलाव या हीटर का इस्तेमाल करें।
- कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें – हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जरूर इस्तेमाल करें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- अधिक जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट देखें।