मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने आज से अपना आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस इस मुद्दे को ग्राम पंचायत स्तर वक ले जाना चाहती है, इसके चलते मनरेगा बचाओ संग्राम में कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों कोजिम्मेदारी दीगई है। मौजूदा सांसरदों, विधायकों के साथ पूर्व सांसर्दो, मंश्रियों, विधायकों, संगठन के पदाधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारी दी गईं है। जिला, मंडल, वार्ड और बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देकर इस आंदोलन से जोड़ा गया है, ताकि अभियान को व्यापक रूप दिया जा सके। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रिंयंका खरगे का कहना है कि राज्य में नईं ग्रामीण रोजगार योजना लागू करने के लिए अगले पांच सालों में राज्य को करीब 20,000 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। कर्नाटक ने इस कानून को कोर्ट में चुनौती देने का भी एलान किया है।
45 का देश व्यापी अभियान
कांग्रेस का अभियान 45 दिन तक चलेगा। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर ये सभी राज्य विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने यह भी अरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के इस कदम से राज्य सरकारों की रायतता अर ग्रामीण रोजगार अधिकारों परहमला किया जा रहा है। राथ ही इससे राज्यों पर अर्थिक बोझ बढ़ेगा।