मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल सुनवाईं के आदेश दिए हैं। इससे पहले ही ताबड़तोड़ काम किए जा रहे हैं। इंदौर की घटना के बाद मध्यप्रदेश के शहरों में पानी और सीवर की बेहतर सेवाएं देने के लिए लगातार काम चल रहा है। प्रदेश में 11 जनवरी तक 1176 पानी के रिसाव ठीक किए गए और 7 हजार से ज्यादा पानी के सैंपल की जांच के लिए लिए गए। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में जल गुणवत्ता, सीवर समस्याओं के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि रविवार 11 जनवरी तक प्रदेशभर में 1176 जल रिसाव (लीकेज) की मरम्मत की जा चुकी है। इसके साथ ही 7619 जल नमूनों की जांच पूरी की गई है, ताकि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जल नमूना संग्रहण कार्य में 744 सफाई मित्र एवं अमृतमित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जबकि जल परीक्षण के लिए अब तक 704 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
आयुक्त ने बताया कि 684 ओएचटी, जीएसआर एवं सम्प की सफाई पूर्ण कर ली गई है, जिन पर ऑयल पेंटिंग के माध्यम से सफाई की तिथि और अगली प्रस्तावित सफाई की तिथि अंकित की गईं है। इसके अतिरिक्त 1650 छोटे मरम्मत कार्य (माइनर रिपेयर) भी पूरे किए जा चुके हैं। जल से संबंधित कुल 293 शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिनमें से 284 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। वहीं सीवर लाइन लीकेज, मैनहोल ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से जुड़ी 285 शिकायतों में से 134 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।