भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मामूली गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद घरेलू स्तर पर निवेशकों का रुख सतर्क रहा। मुख्य वजह अमेरिका और भारत के बीच चल रहे व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता बताई जा रही है, जिससे निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।
सुबह के सत्र में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 83,358.54 के स्तर पर खुला। इसी तरह एनएसई का निफ्टी-50 भी नुकसान के साथ 25,648 के आसपास खुला, हालांकि कुछ ही समय बाद इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली और सूचकांक ऊपर की ओर लौटा।
एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान के शेयरों में मजबूती के कारण ज्यादातर सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्की इंडेक्स 1.36% की तेजी के साथ रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। चीन का सीएसआई 300 0.64% और हांगकांग का हांग सेंग 0.34% ऊपर रहा। हालांकि, कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.34% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ, अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के चलते प्रमुख सूचकांक नकारात्मक बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.19%, डाउ जोंस में 0.8% और नैस्डैक में 0.1% की गिरावट दर्ज की गई।
आज निवेशकों की खास नजर कई प्रमुख कंपनियों के दिसंबर तिमाही (Q3) नतीजों पर टिकी हुई है। इनमें इंफोसिस, एचडीएफसी एएमसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स, आदित्य बिरला मनी, डेन नेटवर्क्स, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, इंडियन ओवरसीज बैंक, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, नेटवर्क 18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स, प्लास्टिब्लेंड्स इंडिया, इंडोसोलर और वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके परिणाम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।