‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वैश्विक सफलता के बाद भारतीय वायुसेना अब दुनिया के सामने अपनी मारक क्षमता का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। राजस्थान के रेगिस्तान में 12 फरवरी से मेगा युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-2026’ का आगाज होने जा रहा है, जिसका मुख्य और अंतिम प्रदर्शन 26 फरवरी को पोकरण फायरिंग रेंज में होगा।
8 एयरबेस और 125 लड़ाकू विमान
इस युद्धाभ्यास की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जोधपुर, जैसलमेर, फलोदी, उत्तरलाई, अंबाला और हिंडन सहित देश के 8 प्रमुख एयरबेस से 125 से ज्यादा फाइटर जेट एक साथ उड़ान भरेंगे। इनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 जैसे अग्रिम पंक्ति के विमान शामिल हैं। अभ्यास का पूरा समन्वय (Coordination) जोधपुर एयरबेस से किया जाएगा।
राफेल की घातक मिसाइलों का दिखेगा दम
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के ठिकानों को तबाह करने वाली स्कैल्प (SCALP) और मिटिओर (Meteor) मिसाइलों की ताकत को इस बार फिर से परखा जाएगा। राफेल विमान अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दिन और रात दोनों समय काल्पनिक दुश्मन के डिपो और रडार ठिकानों पर हमले का अभ्यास करेंगे। इसके साथ ही अपाचे और चिनूक जैसे अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर भी जटिल मिशनों को अंजाम देंगे।
दो मोर्चों पर युद्ध की तैयारी
वायुशक्ति-2026 का मुख्य उद्देश्य वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में ‘टू-फ्रंट वॉर’ (दो मोर्चों पर लड़ाई) की रणनीति का परीक्षण करना है। इसमें हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने की पायलटों की सटीकता को परखा जाएगा। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 26 फरवरी को मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना है।