शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत

मुंबई शेयर बाजार में बुधवार को कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। सप्ताह के इस तीसरे सत्र में वैश्विक स्तर पर मिले नकारात्मक संकेतों और बिकवाली के दबाव के कारण बाजार में गिरावट देखी गई। खास तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड को नियंत्रित करने की मांग को लेकर यूरोपीय देशों के साथ बढ़ते तनाव ने निवेशकों में सतर्कता बढ़ा दी है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।

सुबह के सत्र में 30 प्रमुख कंपनियों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 81,794 अंक के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह कुछ समय के लिए बढ़त में रहा और 82,273.46 अंक तक पहुंचा, लेकिन कुल मिलाकर 93 अंक की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 25,141 अंक पर खुला। शुरुआत में यह 4 अंक की मामूली गिरावट के साथ 25,228 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

वैश्विक बाजारों की स्थिति भी कमजोर बनी हुई है। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा, जिसमें जापान का निक्केई इंडेक्स 0.35% नीचे बंद हुआ। इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड मामले पर आठ यूरोपीय देशों (डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फिनलैंड) पर 1 फरवरी से 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा है। यदि विवाद सुलझा नहीं तो जून से यह दर 25% तक बढ़ सकती है।

अमेरिकी बाजारों में भी मंगलवार को भारी बिकवाली देखी गई, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक दोनों इंडेक्स 2% से अधिक टूटकर बंद हुए। बाजार में अस्थिरता नवंबर के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

अब सभी की नजरें स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर टिकी हैं, जहां विश्व भर के नेता अमेरिकी नीतियों का विरोध जता रहे हैं और ग्रीनलैंड विवाद पर चर्चा तेज हो गई है। यह स्थिति वैश्विक व्यापार और निवेश के माहौल को प्रभावित कर रही है।