भोजशाला पर SC का फैसला: बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, दोपहर 1-3 बजे नमाज

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना की अनुमति दी है, जबकि मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत प्रदान की गई है।

यह व्यवस्था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा और नमाज पर रोक की मांग की गई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के धार्मिक अधिकारों का संतुलन बनाते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया और दोनों समुदायों से आपसी सम्मान तथा सहयोग की अपील की।

भोजशाला, जो ASI द्वारा संरक्षित 11वीं शताब्दी का स्मारक है, हिंदुओं द्वारा मां सरस्वती का मंदिर और मुस्लिमों द्वारा कमाल मौला मस्जिद माना जाता है। पहले भी ऐसे मौकों पर तनाव की स्थिति बन चुकी है, जैसे 2006, 2013 और 2016 में।

इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। धार जिले में हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें सीसीटीवी, ड्रोन, एआई-आधारित निगरानी, वॉच टावर और जिग-जैग बैरिकेडिंग शामिल है। भोजशाला के 300 मीटर दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है, साथ ही भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि दोनों समुदाय शांतिपूर्ण ढंग से अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।