जबलपुर: माता गुजरी कॉलेज में छात्रवृत्ति घोटाला; छात्रा के बजाए दूसरे के खाते में जा रहा था पैसा

जबलपुर के प्रतिष्ठित माता गुजरी महिला महाविद्यालय में छात्रवृत्ति वितरण में बड़ी धांधली का मामला प्रकाश में आया है। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा पूर्णिमा चौधरी ने आरोप लगाया है कि पिछले दो वर्षों से उनकी स्कॉलरशिप की राशि उनके बैंक खाते में आने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की जा रही थी। छात्रा ने बताया कि कॉलेज की स्कॉलरशिप शाखा के माध्यम से ही फॉर्म भरा गया था, लेकिन बार-बार चक्कर काटने के बावजूद उसे केवल आश्वासन मिला। जब उसने खुद एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर जांच की, तो पता चला कि उसकी ₹5,000 की छात्रवृत्ति ‘पेड’ (भुगतान सफल) दिखा रही है, जबकि पैसा उसे मिला ही नहीं।

सर्टिफिकेट के बैंक खाते से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

गड़बड़ी तब स्पष्ट हुई जब पूर्णिमा के स्कॉलरशिप सर्टिफिकेट में दर्ज बैंक खाता संख्या का मिलान उसके मूल खाते से किया गया। जांच में दोनों खाते अलग पाए गए। एनएसयूआई (NSUI) के पदाधिकारी अचलनाथ ने जब इस मुद्दे को उठाया और कॉलेज प्रशासन से जवाब मांगा, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पूर्णिमा अकेली पीड़ित नहीं है। इसी तरह की अनियमितता एक अन्य छात्र के साथ भी हुई है, जहाँ नाम किसी और का था और राशि किसी दूसरे के खाते में जमा हो रही थी।

कॉलेज प्रबंधन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मामले के तूल पकड़ने पर माता गुजरी कॉलेज के डायरेक्टर सुनील कुमार पाहवा ने स्वीकार किया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने इसे एक गंभीर तकनीकी या मानवीय चूक मानते हुए आश्वासन दिया है कि तीन दिनों के भीतर पूरी जांच कर ली जाएगी। प्रबंधन ने दावा किया है कि इस अनियमितता के लिए जो भी कर्मचारी या विभाग दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।