इंदौर से नासिक और उदयपुर की फ्लाइटें बंद

इंदौर एयरपोर्ट को समर शेड्यूल में बड़ा झटका लगा है। इंडिगो एयरलाइंस ने मार्च के अंत से लागू होने वाले नए समर शेड्यूल में इंदौर से नासिक और उदयपुर के लिए अपनी सीधी उड़ानें पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने न केवल इन रूट्स पर नए प्रस्ताव वापस ले लिए हैं, बल्कि अपनी आधिकारिक वेबसाइट से इन उड़ानों की बुकिंग भी हटा दी है।

27 मार्च के बाद इन उड़ानों की टिकट उपलब्ध नहीं होगी। डीजीसीए द्वारा जारी समर शेड्यूल (29 मार्च से प्रभावी) में इन दोनों शहरों का कोई जिक्र नहीं है। इंडिगो ने उदयपुर के लिए 27 मार्च के बाद और नासिक के लिए 28 मार्च के बाद बुकिंग बंद कर दी है।

इस फैसले से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी असुविधा होगी। इंदौर से पहले ही शिर्डी के लिए सीधी उड़ान बंद हो चुकी है, और यात्री नासिक उतरकर सड़क मार्ग से शिर्डी पहुंचते थे। अब नासिक की फ्लाइट भी बंद होने से ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए सीधा हवाई विकल्प खत्म हो जाएगा, जिससे यात्रा और कठिन हो जाएगी।

उदयपुर राजस्थान का प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण सीधी उड़ान के बंद होने से पर्यटकों को अब ट्रेन या सड़क मार्ग से लंबा सफर तय करना पड़ेगा।

इंदौर की हवाई कनेक्टिविटी में यह कोई नई घटना नहीं है। हाल के महीनों में इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंस ने कई रूट्स बंद किए हैं। बंद हुए प्रमुख रूट्स में जोधपुर, प्रयागराज, वाराणसी, सूरत, राजकोट, वडोदरा, बिलासपुर, अमृतसर, किशनगढ़ और बेलगाम शामिल हैं।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में रनवे की मरम्मत के चलते एयरपोर्ट रात 10:30 बजे से सुबह 6:30 बजे तक (8 घंटे) बंद रहता है, जिसका असर उड़ानों की उपलब्धता पर पड़ रहा है।

इंदौर एयरपोर्ट निदेशक सुनील मग्गीरवार ने बताया कि रनवे का काम मार्च अंत तक पूरा करने की कोशिश है। अप्रैल से एयरपोर्ट 24 घंटे संचालित होगा, जिससे कई नई उड़ानें शुरू हो सकती हैं और यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TAFI) के प्रदेश अध्यक्ष अमूल कटारिया के मुताबिक, फरवरी-मार्च में परीक्षाओं के कारण ट्रैफिक स्थिर रह सकता है, लेकिन मिड-मार्च से अप्रैल में छुट्टियां शुरू होते ही यात्रियों की संख्या 5 लाख से अधिक हो सकती है। समर वेकेशन के लिए बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।

पिछले साल (जनवरी-दिसंबर 2025) इंदौर एयरपोर्ट से रिकॉर्ड 43 लाख 96 हजार 611 यात्रियों ने सफर किया, जो एयरपोर्ट के 88 साल के इतिहास में पहली बार 40 लाख का आंकड़ा पार करने वाली उपलब्धि है। इस दौरान कुल 32,558 उड़ानें संचालित हुईं।