ग्वालियर: स्प्रिंग फैक्ट्री में ब्लास्ट, 5 घायल, ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

ग्वालियर के सिथौली स्थित भारतीय रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। मेंटेनेंस कार्य के दौरान एलपीजी गैस पाइपलाइन में रिसाव होने से तेज धमाका हुआ और आग लग गई। इस घटना में पांच कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

हादसा दोपहर 3 से 4 बजे के आसपास हुआ, जब फैक्ट्री में खराब पड़ी टेंपर मशीन की मरम्मत चल रही थी। प्रारंभिक जांच में गैस लीक से ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। फैक्ट्री में गैस पाइपलाइन की स्टोरेज क्षमता 200 टन से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थिति नियंत्रण में न आने पर बड़ा नुकसान हो सकता था। हालांकि, रेलवे की आरएसके टीम ने मात्र 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया।

झुलसे कर्मचारियों में रेलवे मैकेनिकल विंग के टेक्निशियन हेमंत चौबे के अलावा कांट्रैक्ट मजदूर योगेश, कौशल श्रीवास्तव, शब्बीर और निजी कर्मचारी अमर सिंह शामिल हैं। सभी को तत्काल नजदीकी आईटीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों के शरीर पर 30 से 60 प्रतिशत तक जलने की चोटें हैं—एक व्यक्ति में 60%, दूसरे में 40%, तीसरे में 30% और चौथे में 35% जलन है। मुख्य रूप से चेहरा, हाथ, पैर और पेट के हिस्से प्रभावित हुए हैं। डॉक्टरों ने कम से कम 72 घंटे तक निगरानी में रखने की सलाह दी है। तीन कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायलों के परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, ग्लव्स या अन्य जरूरी गियर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण चोटें इतनी गंभीर हुईं।

झांसी डीआरएम ने हादसे की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है, जो सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मशीन की मरम्मत के दौरान यह घटना हुई। सभी घायल सुरक्षित हैं और इलाज जारी है। फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने कहा कि मामला जांच के अधीन है। प्रथम दृष्टया गैस रिसाव से धमाका हुआ प्रतीत होता है। जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, घटना दोपहर की थी लेकिन पुलिस को देर शाम सूचना मिली। रेलवे अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत बयान नहीं आया है।