उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता, पैथोलॉजी लैब (वर्धमान पैथोलॉजी) के मालिक मानवेंद्र सिंह (50) की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव को आरी से टुकड़ों में काटकर सबूत मिटाने की कोशिश की और धड़ को घर में रखे नीले ड्रम में छिपा दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना 20 फरवरी की रात हुई। पिता-पुत्र के बीच NEET परीक्षा और MBBS कर डॉक्टर बनने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा NEET क्वालीफाई कर डॉक्टर बने और पैथोलॉजी का कारोबार संभाले। अक्षत दो बार NEET दे चुका था लेकिन सफल नहीं हो पाया। वह पिता से कहता था कि पैथोलॉजी लैब की बजाय लखनऊ में होटल, रेस्टोरेंट या लॉन का बिजनेस शुरू किया जाए, जो अधिक लाभदायक होगा।
20 फरवरी की रात विवाद के दौरान पिता ने बेटे पर लाइसेंसी राइफल तान दी, लेकिन बाद में शांत हो गए। सुबह करीब 4:30 बजे अक्षत ने उसी राइफल से पिता के सिर में गोली मार दी। हत्या के बाद उसने शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर लाया और खाली कमरे में टुकड़ों में काटा। हाथ-पैर जैसे हिस्सों को पारा इलाके में फेंक दिया, जबकि धड़ को नीले ड्रम में छिपाकर घर की छत पर रख दिया।
घटना के समय छोटी बहन मौके पर थी। आरोपी ने उसे धमकाया कि किसी को बताने पर उसे भी मार डालेगा, जिससे बहन चुप रही। 20 फरवरी से मानवेंद्र लापता थे, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान बेटे से पूछताछ की और वह कबूलनामा दे बैठा। राइफल, आरी, इस्तेमाल की गई कार और नीला ड्रम बरामद कर लिया गया है।