ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित होने से मध्य प्रदेश में कमर्शियल (19 किलो) एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी पिछले दो दिनों से पूरी तरह बंद है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई रोक दी है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सेवाएं और शादियों के आयोजन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई शहरों में छोटे होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में हजारों शादियां और आयोजन खतरे में पड़ गए हैं।
इंदौर में प्रशासन का विवादास्पद सुझाव
इंदौर के फूड कंट्रोलर एम.एल. मारू ने कैटरिंग एसोसिएशन की बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए अस्थायी रूप से लकड़ी, कंडा, कोयला या पारंपरिक भट्ठियों का सहारा लें। बैठक में तय हुआ कि शादियों में व्यंजनों की संख्या 100 से घटाकर 15-20 तक सीमित रखी जाएगी। प्रशासन ने अस्पतालों और हॉस्टलों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
होटल-कैटरिंग उद्योग में हड़कंप
भोपाल और इंदौर के होटल संचालकों ने बताया कि उनके पास केवल 1-2 दिनों का स्टॉक बचा है। कैटरर्स का कहना है कि एक सामान्य शादी में 8-10 कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं। यदि सप्लाई नहीं बहाल हुई तो बड़े पैमाने पर रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं। ग्वालियर, उज्जैन और अन्य जिलों में भी यही स्थिति है।
अन्य प्रभाव
- सराफा बाजार और छोटे कारोबार प्रभावित।
- कुछ इलाकों में चाय-नाश्ते की कीमतें बढ़ीं।
- घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य, लेकिन बुकिंग में 25 दिन का अंतर अनिवार्य और OTP जरूरी।
प्रशासन की कार्रवाई
कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी तेज, कई जगह अवैध सिलेंडर जब्त। हालांकि पारंपरिक ईंधन इस्तेमाल पर कुछ जगह जुर्माने की चेतावनी है, जबकि इंदौर में खुद सुझाव दिया गया। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य ने यह रोक लगाई है। स्थिति कब सामान्य होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।