मथुरा जिले के कोसीकलां थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक दुखद घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। गौ-सेवा और गोरक्षा के लिए जाने-माने संत चंद्रशेखर, जिन्हें स्थानीय लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से पुकारते थे, की एक वाहन से टक्कर में मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नवीपुर गांव के निकट हुई, जहां बाबा कथित गौ-तस्करों का बाइक से पीछा कर रहे थे।
स्थानीय लोगों और गौरक्षकों का आरोप है कि तेज रफ्तार वाहन (ट्रक या कंटेनर) ने जानबूझकर उन्हें कुचल दिया, जिसे वे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। घटना की सूचना फैलते ही ब्रज क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात कई घंटों तक ठप रहा।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान कुछ लोग घायल हुए और कई वाहनों को क्षति पहुंची। मौके से एक संदिग्ध युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह कोहरे के कारण हुआ दुर्घटना प्रतीत हो रहा है, लेकिन मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। मथुरा के एसएसपी ने इसकी पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बाबा चंद्रशेखर अपने निडर व्यक्तित्व और गौ-सेवा के प्रति समर्पण के लिए विख्यात थे। उनके पार्थिव शरीर को उनके गांव अंजनोख की गोशाला ले जाया गया, जहां हजारों गौ-भक्त और स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति नियंत्रण में रखने के प्रयास किए हैं।