सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक इलॉन मस्क और टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने व्हाट्सएप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मस्क ने कहा कि व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जबकि डुरोव ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा उपभोक्ता फ्रॉड करार दिया।
यह विवाद अमेरिका में व्हाट्सएप के खिलाफ दायर एक क्लास एक्शन मुकदमे के बाद और तेज हो गया है। याचिका में दावा किया गया है कि मेटा प्लेटफॉर्म्स अपने यूजर्स के निजी मैसेज को इंटरसेप्ट कर तीसरी पार्टियों, जैसे एक्सेंचर के साथ साझा कर रहा है, जबकि कंपनी लगातार एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का दावा करती रही है।
मुकदमे की मुख्य बातें
मुकदमा कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर किया गया। मुख्य याचिकाकर्ता ब्रायन वाई. शिराजी और निदा सैमसन हैं। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स और कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने जूरी ट्रायल की मांग की है और कंपनी से मुआवजे की अपील की है।
याचिका के अनुसार, व्हाट्सएप यूजर्स के मैसेज को बीच में पढ़ता और स्टोर करता है, जिसे तीसरी पार्टियों तक पहुंचाया जाता है। यह कंपनी के उस दावे के विपरीत है जिसमें कहा जाता है कि भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के अलावा कोई भी मैसेज नहीं पढ़ सकता।
मस्क और डुरोव की प्रतिक्रिया
इलॉन मस्क ने एक्स पर पोस्ट करते हुए यूजर्स से अपील की कि वे व्हाट्सएप की जगह एक्स चैट का इस्तेमाल करें, जहां उन्हें “असली गोपनीयता” मिलेगी। उन्होंने लिखा कि व्हाट्सएप सुरक्षित नहीं है।
पावेल डुरोव ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि व्हाट्सएप अरबों यूजर्स को गुमराह कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया और भविष्य में भी नहीं करेगा। डुरोव ने व्हाट्सएप की एन्क्रिप्शन को “इतिहास का सबसे बड़ा उपभोक्ता फ्रॉड” बताया।
मेटा का जवाब
मेटा के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप पिछले दस साल से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है। मैसेज पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं और भेजने वाले व प्राप्त करने वाले के अलावा कोई उन्हें नहीं पढ़ सकता। कंपनी ने मुकदमे को “बेतुका और निराधार” बताया है।