कोलकाता: अतिक्रमण विरोध में पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल

कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में रविवार को अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुरक्षा बलों के कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग के पास सैकड़ों लोग जमा हुए और सड़क जाम करने की कोशिश की। जब पुलिस भीड़ को हटाने पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया।

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त आशेष बिस्वास ने बताया कि घटना में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान का काम जारी है।

घटना की पृष्ठभूमि

यह विरोध प्रदर्शन तिलजला इलाके में हाल ही में लगी एक फैक्ट्री की आग से जुड़ा है। उस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की थी। इसी कार्रवाई का विरोध पार्क सर्कस में देखने को मिला।

ममता बनर्जी का तीखा हमला

टीएमसी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “बंगाल बुलडोजर राजनीति में विश्वास नहीं करता। टैगोर और नेताजी की धरती पर आम लोगों के खिलाफ डर, बल और तोड़फोड़ से शासन नहीं चलाया जा सकता।”

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के घरों से लेकर फेरीवालों के ठेलों तक सब पर राजनीतिक अहंकार की कीमत चुकाई जा रही है। ममता ने कहा कि सरकार इंसानों से ज्यादा दिखावे की परवाह कर रही है।

सीपीआई का बयान

सीपीआई महासचिव डी. राजा ने कहा कि बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा हुई और अब बुलडोजर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव खत्म हो चुके हैं। लोगों का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। भाजपा को सत्ता का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। जो भी कार्रवाई हो, वह संविधान के दायरे में और संवैधानिक मर्यादा के अनुसार होनी चाहिए।”

भाजपा का जवाब

भाजपा विधायक भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि बुलडोजर सिर्फ घरों पर नहीं, गलत नीतियों पर भी चलता है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई टीएमसी की गलत प्रथाओं के खिलाफ है और पूरी तरह कानून के अनुसार की जा रही है।