मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून को करीब 15 जिलों में इसकी औपचारिक शुरुआत हुई। गुरुवार को कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसमें शाजापुर और नर्मदापुरम क्षेत्र में लगभग 2 इंच (50 मिमी के आसपास) पानी गिरा।
अगले 48 घंटों में मानसून भोपाल और उज्जैन संभाग के बाकी हिस्सों तक फैलने की संभावना है। जबकि ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में इसकी आमद सबसे देरी से होने की उम्मीद है।
बारिश का अलर्ट और प्रभाव
मौसम केंद्र ने शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। कुछ जिलों जैसे आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी है।
बारिश की संभावना वाले मुख्य क्षेत्र: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडौरी आदि।
शुष्क रहने वाले इलाके: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जैसे जिलों में मुख्य रूप से धूप-छांव का मौसम रह सकता है।
अब तक की स्थिति
- मानसून पहुंचे प्रमुख जिले: अलीराजपुर, इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा और डिंडौरी सहित पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से।
- प्रदेश में 1 जून से अब तक बारिश की कुल मात्रा सामान्य से काफी कम रही है, लेकिन हालिया बारिश से कमी में कुछ सुधार देखने को मिला है।
- कई जगहों पर दिन का तापमान 4-6 डिग्री तक गिरा है। खरगोन जैसे इलाकों में दिन का पारा 30 डिग्री के आसपास रहा, जबकि ग्वालियर अभी भी 40 डिग्री से ऊपर रहा।