ईरान-इजराइल संघर्ष में नया मोड़: सोरोका अस्पताल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला, इजराइल में भारी नुकसान की आशंका

इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल के पहले के हमलों के जवाब में, ईरान ने आज इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा पलटवार किया है। इस हमले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ईरान ने सीधे इजरायल के एक प्रमुख अस्पताल, सोरोका मेडिकल सेंटर को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में चिंता और बढ़ गई है।

सोरोका मेडिकल सेंटर पर हमला और भारी नुकसान

ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल को बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। खबरों के अनुसार, ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के दक्षिणी हिस्से में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर, बीर्शेबा को निशाना बनाया है। यह अस्पताल इजरायल के दक्षिणी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा है।

आईएएनएस द्वारा साझा किए गए इजरायल के विदेश मंत्रालय के एक ट्वीट के अनुसार, “बीर्शेबा में सोरोका अस्पताल – जहां यहूदी, मुस्लिम, ईसाई और अरब बेदुइन सभी देखभाल प्राप्त करते हैं – पर अभी-अभी एक अंधाधुंध ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। इजरायल अपने सभी लोगों की सुरक्षा के लिए जो करना चाहिए, वह करना जारी रखेगा।”

सोरोका मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता ने बताया कि अस्पताल के विभिन्न क्षेत्रों में “काफी नुकसान” हुआ है और हमले में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, अस्पताल ने आम जनता से इलाज के लिए न आने का अनुरोध किया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों को खाली किया जा सके और बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सके। सोरोका मेडिकल सेंटर की वेबसाइट के अनुसार, इसमें 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजरायल के दक्षिण में लगभग 1 मिलियन निवासियों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है।

इजरायल का कड़ा रुख

इजरायली विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाना जारी रखेंगे। अस्पताल जैसी नागरिक सुविधाओं पर हमला, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जाता है और इससे संघर्ष के और भी बढ़ने की आशंका है। इस हमले के बाद, वैश्विक समुदाय द्वारा दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील तेज हो गई है।

यह घटना दर्शाती है कि ईरान-इजरायल संघर्ष कितना गंभीर और अप्रत्याशित होता जा रहा है, और इसका मानवीय प्रभाव कितना विनाशकारी हो सकता है। क्या यह हमला इस क्षेत्र में एक और बड़े सैन्य टकराव की शुरुआत है, यह देखना बाकी है।