लाडली बहना योजना को पूरे हुए दो साल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा

मध्य प्रदेश की बहनों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को अब दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस योजना के तहत राज्य सरकार अब तक 25 किस्तों का भुगतान लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कर चुकी है। हर महीने 1250 रुपये की धनराशि सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है। लेकिन इस योजना को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने योजना की शुरुआत करते समय हर माह 3000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 1250 रुपये ही दिए जा रहे हैं।

दीपावली से हर माह 1500 रुपये मिलेंगे

गुरुवार, 19 जून को इंदौर जिले से सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाडली बहनों के लिए एक बड़ा ऐलान किया। सीएम ने कहा कि दीपावली से लाडली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि इस साल रक्षाबंधन पर अतिरिक्त 250 रुपये दिए जाएंगे, जिससे उस महीने महिलाओं को कुल 1500 रुपये मिलेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी वर्षों में इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बहनों के कल्याण के साथ-साथ उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए भी लगातार प्रयासरत है। बच्चों को न केवल साइकिल और स्कूटी वितरण किया जा रहा है, बल्कि उच्च शिक्षा के लिए यदि जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार एक लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक की सहायता देने के लिए तैयार है।

योजना की शुरुआत और अब तक की प्रगति

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि चुनाव के समय इस योजना की शुरुआत की गई थी और तब महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते थे। पिछले एक साल से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई है, और अब इसे दिवाली से 1500 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा यह सवाल करती है कि पैसा कहां से आएगा? लेकिन हम बहनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम यह व्यवस्था लगातार बेहतर करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “आपके आशीर्वाद से हम लगातार आगे बढ़ेंगे और अगले 5 वर्षों में 3000 रुपये प्रतिमाह तक की सहायता दी जाएगी।”

किन महिलाओं को मिल सकता है इस योजना का लाभ?

लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए कुछ विशेष पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है। इस योजना की लाभार्थी महिला को मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, वह विवाहित होनी चाहिए, जिनमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। महिला के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है जो आधार से लिंक हो और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के लिए सक्रिय हो।

आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। आवेदनकर्ता महिलाएं पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से फॉर्म भर सकती हैं। आवेदन से पहले जरूरी जानकारी एक निर्धारित प्रपत्र में भरनी होती है, जो ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाता है। इस भरे हुए फॉर्म की ऑनलाइन एंट्री नामित कैंप प्रभारी द्वारा की जाती है और इसकी एक प्रिंटेड रसीद महिला को दी जाती है। साथ ही एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भी जानकारी भेजी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है।

योजना का मूल उद्देश्य

लाडली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके जरिए न केवल महिलाओं के स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि उनके बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में भी सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। यह योजना परिवार के भीतर महिलाओं की निर्णय क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ

हालांकि यह योजना व्यापक है, लेकिन कुछ वर्ग की महिलाएं इसके लाभ से वंचित रह सकती हैं। यदि किसी महिला या उसके परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, या परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता है, तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही जो महिलाएं या उनके परिवार के सदस्य सरकारी विभागों, उपक्रमों, मण्डलों या स्थानीय निकायों में नियमित, संविदा या पेंशनधारी के रूप में कार्यरत हैं, वे भी अपात्र मानी जाती हैं।

दस्तावेज़ जो आवेदन के लिए जरूरी हैं

लाडली बहना योजना के लिए आवेदन करते समय महिला को कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इनमें समग्र पोर्टल द्वारा जारी परिवार आईडी या सदस्य आईडी, आधार कार्ड, और समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर शामिल हैं। सभी दस्तावेजों का आधार के माध्यम से ओटीपी या बायोमेट्रिक सत्यापन भी आवश्यक है।