आगर मालवा: अदालत में धारण किया “अर्धनारिश्वर” अवतार, 65 दिन बाद अपहरण आरोपी ने किया सरेंडर

आगर मालवा से  एक ऐसा अनोखा और हैरान करने वाला विवादित मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हिला दिया है। मंगलवार को अपहरण का आरोपी मनोज बामनिया आधे गा‍ांवला साड़ी और आधे पैंट-शर्ट पहने अदालत पहुंचा ,ऐसा भेष मानो अर्धनारिश्वर का रूप लेकर आया हो। मनोज पर अपने ही बेटे ढ़ाइ साल के भाव्यांश के अपहरण का आरोप है। 

जाने क्या है मामला

मामला स्थानीय कोर्ट का है, जहां एक व्यक्ति पर अपहरण का आरोप था और पुलिस ने उस पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। 16 मार्च को मनोज ने अपने पिता और अन्य 5 लोगों के साथ मिलकर उसने अपने बेटे को मंदिर के पास से किडनैप कर लिया था जब भाव्यांश अपनी मौसी रोशनी के साथ मंदिर जा रहा था। तभी मनोज की पत्नी रीना ने अपने पति पर इसका आरोप लगा एफ.आई.आर दर्ज करवाई। ऐसे में वह इंदौर रहाऔर बीच बीच में सूरत मुंबई आता जाता रहा। पुलिस ने इसी बीच कार्यवाही की और ब्लोरो को जब्त कर लिया। वहीं पुलिस ने मामले में मनोज के पिता और दो लोगों को भी गिरफ्तार किया। अब 65 दिनों बाद इस अवतार में मनोज ने सरेंडर किया है। 

दो साल पहले अलग हो गए थे पति पत्नी

मनोज ने बताया कि जब उसके ससुर का देहांत हुआ तो वह किसी वजह से जा नहीं पाया। तब से ही दोनों में विवाद शुरु हुआ और बाद में बात बढ़ते बढ़ते तलाक तक आ गई। वहीं पत्नी का कहना है कि उसने मनोज के खिलाफ घरेलु हिंसा और और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया है। ऐसे में कोर्ट ने रीना को बच्चे की कस्टडी दी थी। पर मनोज बच्चे को अपने पास रखना चाहता था जिस वजह उसने ये अपराध किया। 

क्यों धारण किया अर्धनारीश्वर अवतार

पेशे से फैशन डिजाइनर मनोज से जब पूछा गया कि उसने ये अवतार क्यों धारण किया तब उसने भावुक सा जवाब दिया। मनोज का कहना है कि समाज में यह धारणा गलत है कि सिर्फ मां ही पांच साल से कम उम्र के बच्चे की बेहतर परवरिश कर सकती है। एक पिता भी अपने बच्चे की देखभाल उतनी ही संवेदनशीलता से कर सकता है। क्योंकि पिता में भी मन और ममता दोंनो होती है। ऐसे में उसने ये रूप धारण किया जो बताती है कि पिता भी बच्चे को दोंनो तरफ से अच्छे से पाल सकता है।