Special trains for Sinhasth Mahakumbh: 2028 में उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू करदी हैं। सरकार चलाएगी 100 नई ट्रेनें जो करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं को महाकुंभ पहुंचाएगी। मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, नागदा के साथ और भी स्टेशनों से च के साथ और भी स्टेशनों से चलेंगी ट्रेन। इसके लिए रेलवे की नई पटरियां भी बिछाई जा रही हैं।
मध्य प्रदेश के बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ लगने वाला है जिसकी तैयारियां रेलवे बोर्ड ने अभी से शुरू कर दी हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि लोगों को असुविधा न हो इसलिए सरकार 100 स्पेशल ट्रेनें चलाएगी जो मध्य प्रदेश के अलग अलग जगहों से रहेगी। चेयरमैन ने ये भी कहा कि ट्रेनों से लगभग 1 करोड़ यात्रियों को उज्जैन पहुंचाने का लक्ष्य है। सिंहस्थ मेला हर 12 साल में महाकाल की नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर लगता है। इसके लिए रेलवे ने नई पटरियां भी बिछानी शुरू करदी हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, नागदा सहित अन्य स्टेशनों से भी ट्रेनें चलाई जाएंगी।
रेलवे ने बिछाई नई लाइनें
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने के लिए नई ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है जिसके लिए 22 नई लाइनें बिछाई जा रहीं है। इसमें उज्जैन, देवास, इंदौर, महू, लक्ष्मी बाई नगर, रतलाम जैसे कई स्टेशन शामिल हैं। सतीश कुमार मंगलवार को इंदौर पहुंचे जहां उन्होंने इंदौर के रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और परियोजनाओं की समीक्षा भी की। इंदौर–दाहोद परियोजना के तहत इस वर्ष 132 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
इंदौर स्टेशन के संपूर्ण विकास
यात्रियों की यात्रा को सफल और सुखद बनाने के लिए इंदौर स्टेशन का संपूर्ण विकास होगा। यहां सात मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा जिसके डिजाइन पर अभी काम चल रहा है। गाड़ियों की पार्किंग के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग तैयार की जाएगी। इस दौरान 1 न. प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया जाएगा। सतीश कुमार ने ये भी कहा कि लक्ष्मी बाई नगर और महू से भी ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
सिंहस्थ महाकुंभ को सफल बनाने के लिए रेलवे प्रशासन मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने ये भी बताया कि उज्जैन में 8 से 9 जगहों पर होल्डिंग एरिया बनेंगे (जहां ट्रेन रुकती है)। 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ में करीब 20 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे पर 2028 में इस संख्या को बढ़ाकर 1 करोड़ केए की तैयारी है।