बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी मिलने का सिलसिला बने रहने के कारण राजधानी में भी अब तेज बारिश का अलर्ट जारी हो गया है। वहीं मौसम में परिवर्तन से शहर में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। इससे पहले कल सारी रात रूक रूकर बारिश होती रही जिसके कारण फिजा में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में बुधवार को हैवी रेन का अलर्ट है। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। राजधानी में 24 घंटों में 4.9 एमएम पानी दर्ज किया गया है। राजधानी में मानसून और अतिवर्षा को लेकर जिला प्रशासन लगातार तैयारियों का जायजा ले रहा है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0755-2542222, 2540220 एवं 2701401 रहेंगे। इन नंबरों पर तेज बारिश, अतिवर्षा, बाढ़ सहित अन्य समस्याओं को लेकर तत्काल संपर्क किया जा सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
24 घंटों में ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, देवास, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।
क्या बदला है मौसम ?
सौराष्ट्र और उससे लगे कच्छ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से पूरे प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। अगले चार दिन तक कई संभागों में तेज बारिश हो सकती है।
ये लक्षणदिखे तो ही कराएं कोरोना जांच
शहर में एक और कोरोना का नया वैरिएंट एक्सएफजी सक्रिय है, वहीं मौसम बदलने के साथ ही सर्दी-जुकाम, बुखार के साथ गले में दर्द और सूखी खांसी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। रोज इन बीमारियों से पीड़ित 100 से 150 लोग एम्स, हमीदिया और जेपी अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। पिछले दो सप्ताह में अस्पतालों के ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 40 प्रतिशत बढ़ी है। निमोनिया के मरीज भी अस्पताल में आ रहे हैं। वहीं गले का संक्रमण जल्दी ठीक नहीं हो रहा है। सूखी खांसी 15 दिन तक रहती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह कोरोना का संक्रमण नहीं है। यह वायरल हो सकता है, इसलिए समय पर इलाज कराएं। हमीदिया के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता ने कहा कि ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमण होने की शंका हो सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर कोरोना की जांच कराए।