CM के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई: आज विभिन्न विभागों के अधिकारी करेंगे ऐशबाग आरओबी का 18 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी नहीं हुआ व्यवस्थित कामजमीनी निरीक्षण

Bhopal 90 degree bridge: राजधानी के ऐशबाग क्षेत्र में निर्माणाधीन ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अपनी डिजाइन को लेकर पूरे देश में जमकर वायरल हो रहा है। डिजाइन पर उठे सवालों के बाद इस संबंध में CM डॉ. मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद अब जिम्मेदार विभाग यानी लोक निर्माण विभाग ब्रिज डिपार्टमेंट, रेलवे सहित अन्य विभागों के इंजीनियरों द्वारा आज दौरा किया जा रहा है। अब आरओबी को नए सिरे से मोड़कर बनाने के लिए काम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह काम अब छह महीने के अंदर खत्म करने की प्लानिंग बनाई जा रही है। डिजाइन में नया मोड़ बनाने के लिए करीब 3 से 4 मीटर की जगह चाहिए है। ऐसे में रेलवे विभाग के इंजीनियरों की मदद से नए सिरे से कार्ययोजना बनाई जा रही है, जिससे आरओबी में सफर करने वाले वाहन चालकों को हादसे से राहत मिल सके।

18 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी नहीं हुआ व्यवस्थित काम

बताया जा रहा है कि ऐशबाग आरओबी 2017-18 में बनाने की स्वीकृति मिली थी। इसके बाद कार्ययोजना के अनुसार करीब 18 करोड़ रुपए इसमें खर्च किए गए, लेकिन अब भी ब्रिज का काम व्यवस्थित नहीं होने से इसके लोकार्पण पर पेंच आ गया है। यह आरओबी करीब 648 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है। करीब सात साल बाद भी इस आरओबी का काम पूरा नहीं होने से अब कांग्रेस पार्टी के लोग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि ब्रिज निर्माण में जमकर धांधली और गड़बड़ी की गई है। ऐसे में जिम्मेदारों पर एक्शन होना चाहिए।

कई अफसरों पर गिर सकती है गाज

बताया जा रहा है कि इस मामले में CM यादव ने ब्रिज निर्माण को नए सिरे से करने के बाद भी उद्घाटन करने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक 90 डिग्री मोड़ ठीक नहीं होगा, तब तक इसका लोकार्पण नहीं किया जाएगा। वहीं, इसके पहले विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने भी आरओबी की डिजाइन को लेकर नेशनल हाइवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया और पीडब्ब्ल्यूडी के इंजीनियरों से इसकी जांच कराई थी, तो इस टर्निंग की वजह से हादसा होने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में अब इस आरओबी निर्माण के दौरान काम देखने वाले सभी अफसरों से विभागीय मंत्री और सीएम बहुत नाराज है। इस कारण इसका काम देखने वाले जिम्मेदार अफसरों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।