बोर्ड की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा: भोपाल में करोड़ों की वक्फ संपत्ति पर सिर्फ 4 हजार किराएदार,किराया 200 रु.

Disclosure in the Board’s audit report: देशभर में वक्फ संपत्ति के नए कानून को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इधर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की संपत्ति की किराएदारी को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। भोपाल में मात्र 4000 लोग की किराया दे रहे हैं, जबकि शहर में करीब दो हजार वक्फ की संपत्ति है। खुलासा बोर्ड की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। किराया भी काफी कम 100 रुपए तो किसी का 200 रुपए था। ऐसे में बोर्ड के अधिकारियों ने सबसे पहले कम किराए को लेकर अपना सर्वे शुरू कर दिया है। ताकि बोर्ड की आमदनी बढ़ सके। जिससे मिलने वाले रेवेन्यू से गरीब-बेसराहा और विधवा महिलाओं की मद्द की जा सके।

मेंटेनेंस और मैनेजमेंट करता है वक्फ बोर्ड

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की संख्या 23,118 है। इनमें मकान, दुकान और दूसरी सार्वजनिक व कारोबारी इमारतें शामिल हैं। आमतौर पर, इनका प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है। इससे मिली आय को जमा करने की जिम्मेदारी भी उसी की होती है।

संपत्ति पर दावा किया तो होगा वैरिफिकेशन

नए वक्फ कानून में यह भी कहा गया है कि अगर बोर्ड किसी संपत्ति पर दावा करता है, तो उसका सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके अलावा, जिन संपत्तियों पर बोर्ड और किसी आम व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा है, उनमें भी सत्यापन जरूरी होगा।

सर्वे में होगा खुलासा : अवैध कब्जे हटेंगे

भोपाल में अवैध कब्जे हटाने को लेकर बोर्ड अब सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है। जिसमें पता चल सके कि कितने करोड़ की संपत्ति पर अवैध कब्जा किया गया है। क्योंकि बोर्ड के पास रजिस्टर्ड संपत्ति करीब दो हजार एकड़ के करीब है। ऐसे में अब जल्द ही अवैध कब्जेदारों को हटाने के लिए बोर्ड मुहिम चलाने की तैयारी कर रहा है। जानकारों का कहना है कि इस बदलाव से मध्य प्रदेश में अरबों रुपये की संपत्ति प्रभावित होगी। प्रदेश की 14,986 संपत्तियां वक्फ के नाम पर हैं। अब इन सभी संपत्तियों का सत्यापन किया जाएगा और रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। यह काम राजस्व विभाग की मदद से होगा। भोपाल में इसकी शुरूआत हो चुकी है।

सर्वे के बाद पोर्टल पर अपलोड होंगे आंकड़े

जले में वक्फ संपत्ति का सर्वे अभी चल रहा है। इसे आॅनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। भोपाल जिले के 81 गांवों में वक्फ की संपत्तियां हैं। इनमें प्लाट, मकान, जमीन और अन्य तरह की संपत्तियां शामिल हैं। हुजूर, बैरसिया और कोलार तहसील क्षेत्र के 81 गांवों में वक्फ संपत्ति का सत्यापन किया गया है। यह सर्वे पटवारियों से कराया गया है। इसमें किरायेदारी और कब्जे का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। नए कानून के तहत किए गए बदलाव को लेकर जांच की जा रही है।

औकाफे अम्मा वक्फ बोर्ड की संपत्ति की किराएदारी का काम देखती है। वहां के कर्मचारियों से आॅडिट कराया गया। जिसमें पता चला कि 4000 लोग किराएदारी पर हैं, जबकि अन्य संपत्ति पर अवैध कब्जा है। ऐसे कब्जेधारियों को जल्द ही हटाने की कार्रवाई की जाएगी। डॉ.सनव्वर पटेल, अध्यक्ष, मप्र वक्फ बोर्ड