मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब लगभग 80,000 CUG (क्लोज यूजर ग्रुप) सिम कार्ड, जो पहले BSNL नेटवर्क पर थे, उन्हें Airtel में पोर्ट किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को तेज और अधिक विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करना है, ताकि उनकी दैनिक कार्यप्रणाली में बाधा न आए। यह निर्णय कई लोगों को हैरान कर सकता है, खासकर तब जब राज्य सरकार के स्वामित्व वाली टेलीकॉम कंपनी BSNL, पिछले कुछ महीनों से देश भर में अपने 4G नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है और बड़ी संख्या में नए टावर लगा रही है।
BSNL के साथ लंबा जुड़ाव, लेकिन अब बदल रही जरूरतें
आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस ने लंबे समय तक BSNL सिम कार्ड का उपयोग किया है। इसकी शुरुआत 2009 में लगभग 9,410 सिम खरीदने से हुई थी, और 2014 तक यह संख्या बढ़कर 70,000 से अधिक हो गई थी। इन CUG सिम का मुख्य उद्देश्य थानों या विशेष पदों पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच आसान और निर्बाध संचार सुनिश्चित करना था, ताकि वे एक ही नंबर से आपस में जुड़े रह सकें। हालांकि, समय के साथ तकनीकी जरूरतों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसने पुलिस विभाग को यह बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है।
स्लो नेटवर्क और कनेक्टिविटी की समस्या बनी वजह
रिपोर्ट में बताया गया है कि BSNL का नेटवर्क ज्यादातर 2G और 3G तक ही सीमित रहा है, और 4G सेवा कुछ ही चुनिंदा स्थानों पर उपलब्ध थी। इस सीमित कनेक्टिविटी के कारण पुलिस कर्मियों को बड़ी फाइलें भेजने या महत्वपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग अपलोड करने जैसे कार्यों में भारी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से, उज्जैन, विदिशा, अलीराजपुर और श्योपुर जैसे दूरदराज के जिलों में BSNL का नेटवर्क अक्सर अनुपलब्ध रहता था, जिससे पुलिस को आदेश भेजने या महत्वपूर्ण डेटा साझा करने में गंभीर परेशानी हो रही थी। यह स्थिति पुलिस के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में बाधा बन रही थी, जो कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Airtel को क्यों चुना गया?
एसएसपी रेडियो विजय खत्री के निर्देश पर यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। Airtel को चुनने का मुख्य कारण इसकी तेजी से बढ़ती 5G सेवा है, जो पुलिस को उच्च गति वाली डेटा कनेक्टिविटी प्रदान कर सकेगी। पोर्टिंग की प्रक्रिया को भी सरल रखा गया है: पुलिस कर्मियों को केवल 10 रुपये का रिचार्ज कर 1900 नंबर पर ‘PORT’ मैसेज भेजना होगा। इसके बाद उन्हें प्राप्त UPC (यूनिक पोर्टिंग कोड) के साथ दो दिनों के भीतर पोर्टिंग की जानकारी CUG डेस्क को भेजनी होगी।
मध्य प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अब केवल तेज नेटवर्क चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि नए कानूनों के तहत वीडियो रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को समयबद्ध तरीके से अपलोड करना अनिवार्य हो गया है। एक तेज और भरोसेमंद नेटवर्क इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
केंद्र की कोशिशों के बावजूद BSNL को झटका
यह उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार BSNL को मजबूती प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और देश भर में 4G/5G नेटवर्क के विस्तार के लिए नए टावर लगा रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस का यह फैसला इस बात का संकेत देता है कि सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता, इन नई योजनाओं और प्रयासों से कहीं आगे निकल चुकी है। यह कदम अन्य सरकारी विभागों और राज्य सरकारों के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकता है, जो अपनी संचार जरूरतों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के ऑपरेटरों पर निर्भर करते हैं।