35 फीसदी विद्यार्थियों ने चुना इंजीनियरिंग का अपग्रेडेशन, JEE मेन स्कोर के आधार पर महज साढ़े 7 हजार प्रवेश, अपग्रेडेशन आज शाम तक

प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई/बीटेक व अन्य व्यवसायिक कोर्स में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीई) द्वारा जारी काउंसलिंग में इंजीनियरिंग में अब तक केवल साढ़े सात हजार प्रवेश हुए हैं। प्रवेश को लेकर काफी स्थिति लचर बनी हुई है। अभी तक 31 फीसदी ही प्रवेश हो सके हैं और 35 फीसदी विद्यार्थियों ने अलाटमेंट को नजरअंदाज कर अग्रेडेशन चुन लिया है।

प्रदेश के 124 कॉलेजों की करीब 62 हजार सीटों पर प्रवेश लेने के लिए 35 हजार विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 25 हजार 739 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की थी। विभाग से 23 हजार 769 को सीटें आवंटित हुईं थीं। अभी तक सात हजार 456 विद्यार्थियों ने अपग्रेडेशन का विकल्प चुना है। यह संख्या आज शाम तक और बढ़ सकती है। विभाग अपग्रेडेशन का आवंटन सात जुलाई को करेगा। विद्यार्थी 10 जुलाई तक प्रवेश ले पाएंगे।

इंजीनियरिंग की फैक्ट फाइल

ब्रांच सीट च्वाइस फिलिंगअलाटमेंट
सीएस18,094 2,10,00076,00
आईटी2,74588,0001,430
सिविल6,42034,3001140
ईसी6,29337,2501430
मैकेनिकल7,33749,0001170
ईईई297313,400306
इमर्जिंग एरिया870210,000100

कल से 12वीं मेरिट के आधार पंजीयन

JEE मेन 2025 की मेरिट के आधार पर प्रवेश देने के लिए आॅनलाइन काउंसलिंग 27 मई से शुरू की गई। यह राउंड 10 जुलाई तक चलेगा। दूसरा चरण कल से 31 जुलाई तक संचालित होगा। इसमें जेईई मेन के साथ-साथ 12वीं की मेरिट को भी आधार बनाया जाएगा। दो मुख्य चरणों के बाद संस्था स्तर की काउंसलिंग (सीएलसी) दो अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगी, जिसमें कॉलेज अपनी शेष सीटों को स्वयं भर सकेंगे।