Chhattisgarh Monsoon session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज, यानी 14 जुलाई से शुरू हो गया है, जो 18 जुलाई तक चलेगा। सत्र के पहले दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई, जिसके बाद सदन को शोक संवेदना के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान विधानसभा ने दो दिवंगत नेताओं, पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों के निधन को प्रदेश और देश के लिए एक बड़ी क्षति बताया गया, और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके योगदान को याद किया।
सदन में किया गया निधन उल्लेख, नेताओं ने किया नमन
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की शुरुआत में शोक संदेश पढ़ा और पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के साथ बिताए क्षणों को याद किया। उन्होंने कहा कि शेखर दत्त एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने अपने जीवन के विभिन्न पड़ावों में देश की सेवा की। पक्ष और विपक्ष दोनों ने उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताया। इसी क्रम में अविभाजित मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन का भी उल्लेख किया गया और सदन ने उन्हें भी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिवंगत पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह अपनी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे। मुख्यमंत्री ने उनके सेना में रहते हुए देश के लिए किए गए गौरवपूर्ण कार्यों और एक कुशल आईएएस अधिकारी के रूप में दी गई प्रशासनिक सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और वह पूरे प्रदेश की ओर से उन्हें नमन करते हैं। मुख्यमंत्री के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भी पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि शेखर दत्त ने जीवन में कई बड़े पदों पर कार्य किया, लेकिन उनके व्यवहार में कभी पद का अहंकार नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनके जाने से देश और प्रदेश को बड़ी क्षति हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता केदार कश्यप ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने एक कर्मठ व्यक्ति को खो दिया है। यह उनका जाना सबके लिए एक अपूर्णीय क्षति है।