राजधानी में अब तक जिला प्रशासन, यातायात विभाग, आरटीओ द्वारा संयुक्त तौर पर तैयार की जा रही ई-रिक्शा की पॉलिसी तैयार नहीं हो सकी है। इसका फायदा बिजली चोरी करने वाले उठा रहे हैं। दरअसल, ई-व्हीकल का यदि कमर्शियल उपयोग हो रहा है, तो उन्हें नियमानुसार अलग से बिजली कनेक्शन लेना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में आरोप लग रहे हैं कि शहर में संचालित होने वाले 14 हजार से अधिक ई-रिक्शा में से 60 से 70 प्रतिशत ई-रिक्शा संचालक चोरी की बिजली उपयोग करके इन्हें चला रहे हैं। ऐसे में मांग उठ रही है कि शहर में संचालित होने वाले ई-रिक्शा और उनके मालिकों का वेरिफिकेशन कराया जाए। ये लोग कहां पर बैट्री चार्ज करते हैं और उनका बिजली बिल कितना आ रहा है।
नाबालिग चला रहे हैं ई-रिक्शा, हो रहे हादसे
भोपाल पुलिस के अनुसार राजधानी में सैकड़ों ई-रिक्शा नाबालिग चला रहे हैं। इनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही वाहन चलाने का अनुभव। अन्य आपराधिक गतिविधियां बंद होने के कारण लोग इन दिनों सबसे ज्यादा ई-रिक्शा चला कर बिजनेस कर रहे हैं। इस कारण हर कहीं सड़क पर ई-रिक्शा चल रहे हैं, जो जाम का कारण भी बन रहे हैं। इस संबंध में हाल ही में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई सख्त एक्शन नहीं लिया गया है।
लगातार ई-रिक्शा पॉलिसी पर चल रहा है काम
राजधानी में जिला प्रशासन के नेतृत्व में करीब तीन महीने से ई-रिक्शा को लेकर पॉलिसी बनाने का काम जारी है, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। बिना रूट के हर चौराहे, रास्ते, गली-मोहल्ले में इनके चलने के कारण अधिक ट्रैफिक हो रहा है, जिससे जाम के हालात बन रहे हैं। यात्रियों को भी आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है।