PM Modi’s Bihar visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी में जनता को संबोधित करते हुए एक बड़ा चुनावी संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सरकारों ने हमेशा बिहार को लूटने का काम किया और राज्य से बदला ले रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जो बिहार के विकास को गति देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
चंपारण की धरती से बिहार के नए भविष्य का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “ये धरती चंपारण की धरती है। इस धरती ने इतिहास बनाया है। आजादी के आंदोलन में इस धरती ने गांधी जी को नई दिशा दिखाई। अब इसी धरती की प्रेरणा बिहार का नया भविष्य भी बनाएगी।” उन्होंने मोतिहारी से मिली इन विशाल विकास परियोजनाओं के लिए सभी बिहारवासियों को बधाई दी, जो राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करेंगी।
‘बिहार की धरती आंदोलन की, अब विकास की’ – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने बिहार को ‘आंदोलन की धरती’ बताते हुए कहा कि अब यही धरती राज्य को विकास की नई दिशा देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार बिहार के चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपने पुराने बयानों को दोहराते हुए, पीएम मोदी ने कांग्रेस और आरजेडी सरकारों पर बिहार को ‘लूटने’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “2014 के बाद आपने केंद्र में मुझे सेवा का मौका दिया, हमने बदला लेने वाली इस राजनीति को समाप्त कर दिया। आज की पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि दो दशक पहले बिहार के हक का पैसा कैसे लूटा गया।” यह बयान बिहार की पिछली सरकारों पर सीधे हमला था, जिसमें उन्होंने राज्य के संसाधनों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।
मोतिहारी को मुंबई, गया को गुरुग्राम जैसा बनाएंगे: प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा विजन
पीएम मोदी ने बिहार के शहरों को देश के अन्य विकसित शहरों की तर्ज पर विकसित करने का एक बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में जैसे पश्चिमी भारत में मुंबई है, वैसे ही पूरब में मोतिहारी का नाम हो। जैसे अवसर गुरुग्राम में हैं, वैसे ही अवसर गया जी में भी बनें। पुणे की तरह पटना में भी औद्योगिक विकास हो। सूरत की तरह ही संथाल परगना का भी विकास हो। जयपुर की तरह जलपाईगुड़ी और जाजपुर में भी टूरिज्म के नए रिकॉर्ड बनें। बेंगलुरु की तरह वीरभूम के लोग भी आगे बढ़ें।” यह बयान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में समान और समावेशी विकास की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूर्वी राज्यों के बढ़ते महत्व पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी में पूर्वी राज्यों के बढ़ते महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा, “21वीं सदी में दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। एक समय जो ताकत केवल पश्चिमी देशों के पास होती थी, उसमें अब पूरब के देशों का दबदबा और भागीदारी बढ़ रही है। पूरब के देश अब विकास की नई रफ्तार पकड़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जैसे दुनिया में पूर्वी देश विकास की दौड़ में आगे जा रहे हैं, वैसे ही भारत में ये दौर हमारे पूर्वी राज्यों का है। यह संकेत देता है कि सरकार पूर्वी भारत के विकास को अपनी प्राथमिकता में रख रही है।