राजधानी में जहां एक तरफ महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण राजधानी की हरियाली को बनाने रखने के लिये जगह-जगह पर पौधरोपण को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण की जागरुकता फैलाने में लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ निगम के उद्यान विभाग के एडीसी और प्रभारी उनकी राह में रोड़े अटकाने में लगे हैं। पेड़ों को काट कर उनकी सौदेबाजी करने में यह काफी आगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में इनके खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सरकारी जगह पर कब्जा करने की तैयारी
सूत्रों की मानें, तो इस मामले में उद्यानिकी प्रभारी और अन्य कर्मचारियों की सांठगांठ करके मामले को दबा दिया गया है। रहवासियों का कहना है कि मंदाकिनी कॉलोनी में ओपन स्पेस और सरकारी जगह को कब्जा करने के उद्देश्य से हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। इसके बाद भी इस मामले में नगर निगम का उद्यान विभाग शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अब यहां पर निर्माण कार्य की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
हाल ही में मंदाकिनी कॉलोनी में एक पेड़ काटे जाने के मामले में स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों ने पेड़ काटने वाले के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है, क्योंकि उनका मानना है कि पेड़ काटना भी एक तरह की हत्या है। राजधानी में शासन-प्रशासन जहां पेड़ पौधों को बचाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। वहीं कोलार क्षेत्र में कुछ दिनों पहले पेड़ काटने के बाद अब तक उस पर कोई एक्शन नहीं होने पर रहवासियों द्वारा सवाल उठाए जा रहे है।
सवा महीने पहले काटा था पेड़
नगर निगम के वार्ड 82 अंतर्गत मंदाकिनी कॉलोनी बी-सेक्टर कॉलोनी में करीब सवा महीने पहले एक हरे-भरे पेड़ काटा गया था। आसपास के रहवासियों की शिकायत पर जोन 18 के उद्यानिकी विभाग प्रभारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाया, लेकिन अब तक इस मामले में। निगम प्रशासन के अफसरों ने कोई एक्शन नहीं लिया। वे जांच रिपोर्ट को दबाकर बैठे है। इस रिपोर्ट को दबाने वाले अधिकारियों में एडीसी, हीरेन्द्र कुश्वाह, प्रमोद मालवीय, प्रभारी उद्यान शाखा के साथ अनवर और गौरव भी हैं।