भोपाल में मेट्रो स्टेशनों के पास पार्किंग की समस्या एक बड़ी चुनौती है। कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। कुछ मामलों में, ठेकेदारों द्वारा पार्किंग ठेका छोड़ने के कारण भी पार्किंग की समस्या उत्पन्न हुई है। गौर तलब है कि आगामी अक्टूबर-नवम्बर में मेट्रो की लोकल राइड का लोकार्पण किया जाना है।
अब मेट्रो प्रशासन के सामने ढाई महीनों में इसके स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था करनी है पर जमीन न मिलने के कारण इसमें दिक्कत हो रही है। सुभाष नगर डिपो से लेकर एम्स तक के रूट पर छह मेट्रो स्टेशन तैयार किया जाने हैं। यह मेट्रो लाइन पहले चरण की और 6.22 किलोमीटर वजनी है। 2018 में इस रूट पर काम शुरू हुआ था और अब इसका ट्रायल रन भी चुकाया जा चुका है। इस रूट पर पर पांच मेट्रो स्टेशन बन कर तैयार हैं लेकिन यहां पर आनेवाले यात्रियों की गाड़ियां कहां कैसे पार्क होंगी यह क्लियर नहीं हो पाया है।
सितंबर तक पूरे होंगे स्टेशन
एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर तेजी से कार्य जारी है। खास तौर पर इन स्टेशनों की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, मेट्रो डिपो का काम भी अंतिम चरण में है। मेट्रो रेल कॉपोर्रेशन ने सभी निर्माण कार्यों को अगस्त-सितंबर तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
2 चरणों में तकनीकी जांच
ट्रायल रन पूरा होने के बाद, भोपाल मेट्रो को तकनीकी मान्यता दिलाने के लिए दो अहम निरीक्षण होंगे। पहला निरीक्षण रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आॅगेर्नाइजेशन द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। अब यहां पर कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी ।
जितना मेट्रो किराया नहीं उतना प्रति घंटे के हिसाब से लगेगा पार्किंग किराया
मेट्रो का काम अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था बड़ी चुनौती बन गई है। बताया जा रहा है कि जहां मेट्रो में सफर का किराया जितना नहीं है उतना तो आम नागरिक को गाड़ी पार्क करने के लिए चुकाने होंगे। इससे लोग में मेट्रो में सफर को लेकर दुविधा में हैं। वाहन चालक अव्यवस्था का शिकार न हो इसके लिए दिल्ली की तर्ज पर शहर में गाड़ी खड़ी करने के लिए अच्छी व्यवस्था की जाएगी। सुभाष नगर से एमपी नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम आॅफिस वाया साकेत नगर एम्स तक हर स्टेशन के से पार्किंग की दूरी दिल्ली मेट्रो के तर्ज पर 500 फीट रखी जाएगी।