भोपाल में लगातार तीसरे दिन बारिश, कई स्कूलों ने की छुट्टी, 34 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 34 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल सहित नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जैसे जिलों के विभिन्न स्थानों पर 4.5 से 8 इंच तक भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बांधों के गेट खुले, जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के प्रमुख बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इटारसी में स्थित तवा डैम के 9 गेट 7-7 फीट की ऊंचाई तक खोल दिए गए हैं, जिससे एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तवा डैम का वर्तमान जलस्तर 1159.80 फीट दर्ज किया गया है। इसी तरह, बैतूल के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2.2 फीट की ऊंचाई पर खोले गए हैं, क्योंकि पिछले 24 घंटों में बांध के कैचमेंट एरिया में 32 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सीहोर में भी कोलांस नदी उफान पर है, जिसके परिणामस्वरूप भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

बारिश से प्रभावित स्कूल और जनजीवन

भारी बारिश के कारण कई शहरों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भोपाल में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते कई स्कूलों ने ‘रैनी डे’ अवकाश घोषित कर दिया है, हालांकि प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक अवकाश जारी नहीं किया गया था। नर्मदापुरम में तो सुबह 8:30 बजे स्कूलों की छुट्टी का आदेश आया, तब तक कई छात्र स्कूल के लिए निकल चुके थे, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।

विदिशा में बाल-बाल बची मासूम

बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना विदिशा जिले के ग्यारसपुर में सामने आई। यहां एक बच्ची, जिसने बारिश से बचने के लिए पॉलिथीन ओढ़ रखी थी, अपने भाई के साथ स्कूल वैन का इंतजार कर रही थी। तभी कॉलोनी में पानी का तेज बहाव आया और बच्ची बहने लगी। उसे बचाने के लिए उसका भाई दौड़ा, लेकिन वह भी बहाव में आ गया। बच्ची एक लोडिंग वाहन के नीचे से बहते हुए चौराहे तक पहुंच गई और मदद के लिए चीखती रही। सौभाग्य से, चौराहे पर मौजूद लोगों ने समय रहते उसे पकड़ लिया और सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। यह घटना बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है।