अमेरिकी टैरिफ और ‘डेड इकोनॉमी’ के बयान पर पीयूष गोयल का पलटवार: भारत अपने राष्ट्रीय हितों की करेगा रक्षा

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (31 जुलाई, 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ बताने और 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मुद्दे पर संसद में कड़ा बयान दिया. मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में बोलते हुए पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ किसी भी व्यापारिक समझौते को आगे बढ़ाते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की पूरी तरह से रक्षा करेगा.

भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को ‘मरी हुई अर्थव्यवस्था’ कहकर तंज कसने पर भी केंद्रीय मंत्री ने संसद में टिप्पणी की. ट्रंप के इस तंज का पलटवार करते हुए पीयूष गोयल ने दृढ़ता से कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आधार पर जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है.

पीयूष गोयल ने गिनाई उपलब्धियां

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पीयूष गोयल ने कहा, “भारत एक दशक से भी कम समय में दुनिया की सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की सूची से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है. हम देश के किसानों, मजदूरों, MSMEs और व्यवसायियों की कड़ी मेहनत के बल पर 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गए हैं. हमें यह भी उम्मीद है कि अगले कुछ ही सालों में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.” उन्होंने आगे कहा, “आज दुनियाभर की अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और अर्थशास्त्री भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उज्जवल स्थान के तौर पर देख रहे हैं.”

किसान, MSME सहित सभी हितधारकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

अमेरिकी टैरिफ और उसके संभावित प्रभावों पर बोलते हुए गोयल ने कहा, “सरकार हाल ही में हुई सभी घटनाओं के प्रभाव की जांच कर रही है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय भी निर्यातकों, उद्योगों और सभी हितधारकों से इस मुद्दे पर चर्चा कर रहा है और सभी तरह की जानकारी इकट्ठा कर रहा है.” उन्होंने यह भी दोहराया कि “किसानों, मजदूरों, व्यवसायियों, उद्योगपतियों, निर्यातकों, सभी एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र के सभी हितधारकों के हितों की सुरक्षा करना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. हम अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे.”

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने और भारतीय अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करने के बाद इस मामले पर असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘भारत मसखरे की धौंस झेल रहा है’.