स्थानीय क्राइम ब्रांच पुलिस ने केरल के मलप्पुरम और कोझिकोड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी बैंक अकाउंट बेचने वाले गैंग के सदस्य हैं, जिनका इस्तेमाल 9.35 लाख रुपये के शेयर बाजार निवेश घोटाले में किया गया था।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि आरोपियों ने पीड़ितों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर नकली ऐप्स के जरिए निवेश करवाया। लेकिन जैसे ही बड़ी रकम जमा हुई, उनके अकाउंट ब्लॉक कर दिए गए।
कोहेफिजा निवासी से हुई 9.35 लाख की धोखाधड़ी
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब दर्ज किया गया जब भोपाल के कोहेफिजा निवासी मोहम्मद जैनुल से 9.35 लाख रुपये की ठगी हुई। यह रकम पीएमएचडीएफसी नामक ऐप और सहज सोलर नाम की फर्जी कंपनी के जरिए ठगी गई थी।
ठगों ने पहले छोटे निवेश लौटाकर भरोसा बनाया, लेकिन जैसे ही बड़ी राशि जमा हुई, पीड़ितों के खाते ब्लॉक कर दिए गए और पैसे दुबई के एटीएम के जरिए विदेश भेज दिए गए।
पुलिस ने जब्त किए पासबुक, एटीएम कार्ड और पासपोर्ट
जांच के दौरान, पुलिस ने व्हाट्सऐप नंबर, फर्जी ऐप्लिकेशन और अपराध में इस्तेमाल किए गए अकाउंट्स का पता लगाया। चार आरोपियों — मोहम्मद नबील, शमशाद पी, आशिक सजीर टी और मोहम्मद दानिश सीके को गिरफ्तार किया गया। इन पर साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने और विदेश में धन ट्रांसफर कराने का आरोप है। पुलिस ने पासबुक, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए।
पहले भी पकड़े गए थे 8 आरोपी, विदेशी साइबर ठगों से जुड़ा था नेटवर्क
इससे पहले भी, पुलिस ने इसी गैंग से जुड़े आठ और आरोपियों को केरल और महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया था। इन पर फर्जी खाते खोलने और कमीशन लेकर बेचने का आरोप है।
महंगे दामों पर बैंक अकाउंट खरीदकर विदेश में बेचे जाते थे
अधिकारियों ने पुष्टि की कि गिरोह का तरीका (Modus Operandi) महंगे दामों पर बैंक अकाउंट खरीदना या बनाना, उन्हें विदेशी साइबर ठगों को बेचना और ठगी की रकम को विदेशी मुद्रा में निकालना था। मामले की आगे जांच जारी है।