अफगानिस्तान में भूकंप से भारी तबाही, पीएम मोदी ने जताया दुख, मदद का दिया आश्वासन

नई दिल्ली/काबुल। अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में रविवार (31 अगस्त 2025) देर रात आए भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 800 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 6.0 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई और इसका केंद्र कुनार प्रांत था, जो नांगरहार की राजधानी जलालाबाद के पास स्थित है।

भारत ने जताई संवेदना, हर संभव मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (1 सितंबर 2025) को इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा – “अफगानिस्तान में आए भूकंप से हुई जनहानि से अत्यंत व्यथित हूं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।”

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदा या मानवीय संकट पर मदद का हाथ बढ़ाया है। इससे पहले भी भारत ने भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं में दवाइयां, खाद्य सामग्री और राहत दल भेजकर सहयोग किया था। प्रधानमंत्री मोदी का ताज़ा बयान इस बात का संकेत है कि भारत इस बार भी अफगानिस्तान की मुश्किल घड़ी में उसके साथ खड़ा रहेगा।

राहत कार्य जारी, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंक

अफगानिस्तान के सरकारी अधिकारियों और राहत एजेंसियों ने बताया कि कई इलाकों में अभी भी मलबा हटाने का काम जारी है। दूर-दराज़ के गांवों तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित इलाकों में सैकड़ों घर जमींदोज़ हो गए हैं, जबकि अस्पतालों में घायल लोगों का भारी दबाव है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी तबाही के बाद अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सख्त ज़रूरत है। तालिबान सरकार ने भी वैश्विक संगठनों और पड़ोसी देशों से आपात मदद की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस जैसी संस्थाएं पहले ही सक्रिय हो चुकी हैं।