भारत-अमेरिका व्यापार तनाव पर बोले अमेरिकी वित्त मंत्री: “दो महान देश समाधान निकाल लेंगे”

वॉशिंगटन/तियानजिन | अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव सुलझ जाएंगे। उन्होंने कहा कि “दो महान देश इस मुद्दे का हल निकाल लेंगे।” हालांकि, उन्होंने चीन के तियानजिन में हुए SCO शिखर सम्मेलन को “केवल दिखावटी” बताया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की।

बेसेंट ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों में अमेरिका के अधिक करीब है न कि रूस के। उन्होंने SCO बैठक को “लंबे समय से चल रही औपचारिकता” बताते हुए इसका महत्व कम कर दिया।

उन्होंने भारत की आलोचना करते हुए कहा, “भारतीय रूसी तेल खरीदकर पुनर्विक्रय कर रहे हैं, जिससे यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष वित्त मिल रहा है।”

ट्रंप का सख्त रुख

बेसेंट ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस पर और कड़े प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं। “राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सभी विकल्प खुले हैं और इस सप्ताह उन पर गंभीरता से विचार होगा,” उन्होंने कहा।
यह बयान उस समय आया जब रूस ने कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 17 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे भी शामिल थे।

भारत पर ‘एकतरफा व्यापार’ का आरोप

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भारत के साथ व्यापार को “पूरी तरह एकतरफा” बताया और कहा कि भारत “दुनिया में सबसे ऊंचे शुल्क” लगाता है।
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें “अनुचित और अव्यावहारिक” कहा और ऊर्जा सुरक्षा व कृषि हितों की रक्षा पर जोर दिया।

व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को “रूस का तेल मनी लॉन्ड्रिंग हब” बताया, हालांकि मोदी को उन्होंने “महान नेता” भी कहा।

भारत-अमेरिका के बीच तनाव का केंद्र रूस से तेल आयात, व्यापार शुल्क और यूक्रेन युद्ध है। जहां बेसेंट समाधान की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख इस रिश्ते में और खिंचाव ला सकता है।