व्हाट्सऐप वेब का इस्तेमाल करने वाले हजारों यूज़र्स को अचानक एक बड़ी तकनीकी खामी (ग्लिच) से जूझते नजर आए। इस गड़बड़ी के चलते यूज़र्स अपने चैट्स को ऊपर-नीचे स्क्रॉल नहीं कर पा रहे हैं। समस्या सामने आने के बाद बड़ी संख्या में शिकायतें सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर दर्ज की गईं।
यूज़र्स के मुताबिक, जैसे ही कोई स्टिकर या इमोजी पैनल ओपन करता है, चैट फ्रीज़ हो जाती है और स्क्रॉलिंग बंद हो जाती है। कई लोगों ने लिखा कि पेज को रिफ्रेश करने के बाद कुछ देर के लिए समस्या दूर हो जाती है, लेकिन थोड़ी ही देर में यह दिक्कत फिर से शुरू हो जाती है। कुछ यूज़र्स ने सुझाव दिया है कि फिलहाल स्टिकर फीचर का इस्तेमाल न करें, वरना चैट्स नेविगेट करना मुश्किल होगा।
एक यूज़र ने X पर लिखा, “Dear WhatsApp, हम मैसेज को न तो माउस और न ही टचपैड से स्क्रॉल कर पा रहे हैं। कृपया तुरंत इस समस्या को ठीक करें।” एक अन्य यूज़र ने कहा, “व्हाट्सऐप वेब यूज़र्स दुनिया भर में चैट्स को स्क्रॉल न कर पाने की समस्या से जूझ रहे हैं।”
तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि यह बग नया नहीं है। पिछले साल से ही Reddit और अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर इस तरह की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें यूज़र्स ने चैट्स के बीच अचानक स्क्रॉल रुकने या नेविगेशन फ्रीज़ होने की समस्या बताई थी। उस समय लोगों ने ब्राउज़र विंडो का साइज बदलने या कीबोर्ड पर “Alt” दबाकर स्क्रॉल करने जैसे अस्थायी उपाय अपनाए थे।
बार-बार आ रही तकनीकी गड़बड़ियाँ
यह पहली बार नहीं है जब व्हाट्सऐप यूज़र्स को तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ा हो। इसी साल अप्रैल में मैसेज डिलीवर न होने की समस्या के चलते हज़ारों यूज़र्स प्रभावित हुए थे। मॉनिटरिंग साइट Downdetector के मुताबिक, उस दौरान 460 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 81% केवल मैसेज भेजने से जुड़ी थीं।
इसके अलावा 28 फरवरी 2025 को व्हाट्सऐप की एक और बड़ी आउटेज हुई थी, जिसमें दुनिया भर से 5,000 से अधिक रिपोर्ट दर्ज की गई थीं। उस समय यूज़र्स को न केवल मैसेज भेजने बल्कि स्टेटस अपडेट करने और ऐप में लॉग-इन करने तक में परेशानी हुई थी।
भारत में व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 53 करोड़ से ज्यादा है, जबकि दुनियाभर में इसके लगभग 3 अरब यूज़र्स हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी दिक्कत का असर बहुत बड़े स्तर पर देखने को मिलता है।
कंपनी की चुप्पी
मंगलवार दोपहर तक मेटा (Meta), जो व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी है, ने इस गड़बड़ी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने के बाद कंपनी को जल्द से जल्द फिक्स जारी करना होगा, वरना यूज़र्स का भरोसा प्रभावित हो सकता है।