मेडिकल काउंसलिंग में देरी, प्रदेश को मिली 475 नई सीटें; छात्रों को राहत और चिंता दोनों

मध्यप्रदेश: प्रदेश के हजारों मेडिकल विद्यार्थियों के लिए यह खबर राहत और उलझन दोनों लेकर आई है। नीट-यूजी काउंसलिंग के दूसरे चरण में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अब तक की सबसे बड़ी 475 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने NRI अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और नई सीटों को जोड़ने की प्रक्रिया के चलते दूसरे राउंड की काउंसलिंग को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।

DGHS का नोटिस जारी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने नोटिस जारी कर बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से आई नई मान्यता प्राप्त सीटों को सीट मैट्रिक्स में जोड़ा जा रहा है। साथ ही, NRI प्रवेश के दस्तावेजों की जांच भी जारी है। इन कारणों से MCC ने राउंड-2 काउंसलिंग को फिलहाल आगे बढ़ा दिया है। संशोधित शेड्यूल MCC की वेबसाइट पर जल्द जारी होगा।

कहाँ-कहाँ बढ़ीं सीटें?

  • बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर – 25 सीटें
  • छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज – 50 सीटें
  • श्योपुर नया सरकारी मेडिकल कॉलेज – 100 सीटें
  • सिंगरौली नया सरकारी मेडिकल कॉलेज – 100 सीटें
  • इंदौर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज – सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 200 सीटें बहाल

कुल मिलाकर सरकारी कॉलेजों में 275 सीटें बढ़ीं और निजी क्षेत्र में 200 सीटें जुड़ीं। पहले राउंड की बची 471 सीटों को जोड़कर अब दूसरे चरण में लगभग 904 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा।

राजनीतिक विवाद भी गरमाया

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME) निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ सांठ-गांठ कर रहा है। उनका कहना है कि सिर्फ काउंसलिंग टालना ही काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में वृद्धि से कट-ऑफ कम हो सकता है और ज्यादा छात्रों को दाखिला मिल पाएगा। हालांकि, काउंसलिंग में देरी से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत प्रभावित हो सकती है।