नेपाल के बाद फ्रांस में राजनीतिक उठापटक: रक्षा मंत्री लेकोर्नू बने नए प्रधानमंत्री

फ्रांस: फ्रांस में एक साल के भीतर चौथी बार प्रधानमंत्री बदले गए हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रक्षा मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। लेकोर्नू, राष्ट्रपति के करीबी माने जाते हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मिशनों में सफलता दिलाई है।

सोमवार को संसद में विश्वास मत न मिलने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले सितंबर 2025 में गैब्रियल अटल के इस्तीफे के बाद मिशेल बार्नियर प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन दिसंबर में उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद बायरू ने जिम्मेदारी संभाली, मगर वित्तीय घाटे को कम न कर पाने और विवादित बजट के चलते उनकी सरकार गिर गई।

ब्लॉक एवरीथिंग मूवमेंट से भड़का विरोध

फ्रांस में बजट कटौती के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ ‘ब्लॉक एवरीथिंग मूवमेंट’ अब बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आया है। इस आंदोलन की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री बायरू की नीतियों से नाराजगी के कारण हुई थी। बायरू ने सार्वजनिक खर्च में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की कटौती की थी, जिसके चलते पेंशन और कई सामाजिक योजनाओं पर रोक लग गई थी।

बुधवार को 30 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन हुए। करीब 1 लाख लोग सड़कों पर उतरे और कई स्थानों पर पुलिस से झड़प हुई। गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने बताया कि अब तक 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 132 केवल पेरिस में पकड़े गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

बजट पर संसद में विश्वास मत हार गई बायरू सरकार

जुलाई में बायरू सरकार ने 2026 के लिए बजट फ्रेमवर्क पेश किया था, जिसमें 44 अरब यूरो (करीब 4 लाख करोड़ रुपए) बचाने की योजना शामिल थी। उनका कहना था कि देश का कर्ज GDP के 113% तक पहुंच चुका है और खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

लेकिन विपक्ष और मजदूर यूनियनों ने इस बजट का कड़ा विरोध किया। उनका आरोप था कि यह आम जनता और गरीबों के खिलाफ है। संसद में विश्वास मत के दौरान बायरू सरकार अल्पमत में आ गई और उनकी सरकार गिर गई।

पेरिस में बुधवार सुबह ऑफिस टाइम पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क मार्ग (बेल्टवे) को जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड हटाए और उपद्रवियों को खदेड़ा। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात से निपटने के लिए 80 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

अब चुनौती नए पीएम के सामने

नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के सामने सबसे बड़ी चुनौती संसद में बहुमत जुटाकर 2026 का बजट पास कराना और बढ़ते प्रदर्शनों को शांत करना है। राष्ट्रपति मैक्रों ने भरोसा जताया है कि लेकोर्नू सभी राजनीतिक दलों से सलाह लेकर देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे।