खेल के नाम पर हथियारों का दुरुपयोग: 28 शूटरों के लाइसेंस रद्द, 2 निलंबित

भोपाल: जिले में खेल श्रेणी के हथियार लाइसेंस में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 28 शूटरों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और 2 के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कदम अगस्त में चली चार दिवसीय जांच और सत्यापन अभियान के बाद उठाया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं।

जांच रिपोर्ट में पाया गया कि कई लोगों ने खुद को शूटिंग का खिलाड़ी बताकर लाइसेंस हासिल किए, लेकिन वास्तव में वे वर्षों से किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुए थे। नियमों के अनुसार खेल में लाइसेंस पाने वालों को नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य है, लेकिन कई लाइसेंसधारियों ने इन नियमों  की अनदेखी की।

गोलाबारूद का दुरुपयोग और आपराधिक संबंध

 अधिकारी बताते हैं कि खेल श्रेणी में मिलने वाले गोलाबारूद का गलत उपयोग किया गया। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत कार्यों में इस्तेमाल कर रहे थे, जबकि कुछ के खिलाफ यह आरोप भी सामने आया कि उन्होंने गोलाबारूद को आपराधिक तत्वों तक पहुँचाया। इससे न केवल हथियार कानूनों का उल्लंघन हुआ, बल्कि क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा मिलने की आशंका भी जताई गई।

फर्जी घोषणाएँ और छुपाए गए आपराधिक मामले

 जांच में यह भी सामने आया कि कई लाइसेंसधारकों ने नवीनीकरण के दौरान झूठी घोषणाएँ दीं। कुछ ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को छुपाया, जबकि कई लोग अभ्यास के लिए उपयोग किए गए कारतूसों का हिसाब देने में विफल रहे। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है।

जांच रिपोर्ट और कार्रवाई

 बैरागढ़ एसडीएम रवि शंकर राय ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की। इसमें 30 लोगों का नाम लिस्ट मे सामने आया है, जिनमें सैयद अयान उद्दीन, फरहान उल हक, अखिलेंद्र सिंह, शफीक खान, मुस्तफा अली और सानिया खान शामिल हैं। इनमें से कम से कम तीन के खिलाफ पहले से ही आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए 28 लाइसेंस रद्द करने और संबंधित लोगों को स्थायी रूप से नए लाइसेंस लेने से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया। शेष 2 शूटरों को पुनः सत्यापन के लिए बुलाया गया है, जिसके बाद उनके लाइसेंस पर अंतिम निर्णय होगा।

प्रशासन का संदेश

 अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई खेल के हथियार लाइसेंस को लेकर जवाबदेही बहाल करने और खेलों की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए की गई है। प्रशासन का मानना है कि लाइसेंस केवल उन्हीं को दिए जाएँ जो वास्तविक रूप से शूटिंग प्रतियोगिताओं में सक्रिय हैं और खेल भावना से जुड़े हुए हैं।

यह सख्त कदम न केवल हथियार कानूनों की पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि उन तत्वों पर भी अंकुश लगाएगा जो खेल की आड़ में कानून का दुरुपयोग कर रहे थे।