भोपाल: राजधानी की मेट्रो परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। एक ओर ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर (एम्स से सुभाषनगर) पर अक्टूबर में कमर्शियल रन शुरू हो सकता है, वहीं दूसरी ओर ब्लू लाइन (भदभदा से रत्नागिरी) पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से तीन प्रमुख स्टेशनों की लोकेशन बदली जाएगी।
ऑरेंज लाइन की प्रगति
फेस-1 (एम्स से सुभाषनगर, 6.22 किमी)
इस रूट पर 8 स्टेशन बनाए गए हैं—एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस तिराहा, रानी कमलापति, एमपी नगर, डीबी मॉल, केंद्रीय स्कूल और सुभाषनगर। यहाँ 80 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल रन जारी है।
25-26 सितंबर को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) निरीक्षण करेंगे। यदि सबकुछ सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा, तो अक्टूबर में पीएम नरेंद्र मोदी इसके कमर्शियल संचालन को हरी झंडी दिखा सकते हैं
फेस-2 (सुभाषनगर से करोंद, 8.77 किमी)
5.38 किमी हिस्से में 6 एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे—पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद चौराहा। इसमे लगभग ₹650 करोड़ की लागत लगी है। 3.39 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा, जिसमें भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इस हिस्से पर 890 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां अतिक्रमण और जमीन अधिग्रहण की दिक्कतें बनी हुई हैं।
ब्लू लाइन (भदभदा से रत्नागिरी, 13 किमी)
इसमे कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। शाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल), लाल परेड ग्राउंड और रोशनपुरा स्टेशनों को सुरक्षा कारणों से शिफ्ट किया जाएगा।
इस लाइन पर 1006 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग चल रही है, जिनमें से 300 से अधिक जगह का परीक्षण पूरा हो चुका है। डिपो चौराहा स्टेशन और जेके रोड स्टेशन पर पाइल फाउंडेशन का काम शुरू।
पुल बोगदा इंटरचेंज सेक्शन खास आकर्षण होगा, जहां ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में आसानी से सफर कर सकेंगे।
भोपाल में मेट्रो के तीनों हिस्सों पर काम तेजी से जारी है। ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर तैयार हो चुका है और अक्टूबर से राजधानीवासी मेट्रो की सवारी का अनुभव कर सकेंगे। वहीं ब्लू लाइन का निर्माण पूरा होने पर शहर को आधुनिक परिवहन का और मजबूत विकल्प मिलेगा।