सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: 20 हजार स्कूलों को ₹489 करोड़ ट्रांसफर, हरदा-आशापुर मार्ग बनेगा

हरदा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत बड़ा वित्तीय हस्तांतरण किया। उन्होंने 20 हजार 652 प्राइवेट स्कूलों के खातों में ₹489 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। यह राशि शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए नि:शुल्क अध्ययनरत 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) के लिए है।

शिक्षा और विकास के लिए प्रमुख घोषणाएं

खिरकिया के छीपाबड़ स्थित सियोन रे स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और प्रदेश की शिक्षा नीति पर बात की:

सीएम ने घोषणा की कि अगले साल से स्कूली बच्चों को किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही है और उसकी फीस भर रही है। उन्होंने इस खर्च को बच्चों के भविष्य में आगे बढ़ने के लिए किया गया ‘फिक्स डिपॉजिट (FD)’ बताया। मुख्यमंत्री ने हरदा से आशापुर तक 71 किलोमीटर लंबे रोड के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान अब देश के आगे बढ़ते प्रदेशों की सूची में है।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कमल पटेल ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने भी सभा को संबोधित किया।

RTE अधिनियम और विरोध प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने इस दौरान विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया, साथ ही जन-कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है।

वर्तमान में प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं, और राज्य सरकार अब तक ₹3 हजार करोड़ की फीस प्रतिपूर्ति कर चुकी है।

सीएम के आगमन का विरोध करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।